आदिवासी उत्कृष्ट छात्रावास बैतूल ने फिर रचा इतिहास, 16 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए।

गुड्डू कुमरे 98 प्रतिशत के साथ जिले में द्वितीय स्थान पर, लगातार बढ़ती सफलता ने बनाई मिसाल । अनुशासन, उत्कृष्ट माहौल और गुणवत्ता युक्त भोजन बना सफलता का आधार । सर्वांगीण विकास की सीढ़ी बना छात्रावास, अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की पसंदीदा संस्था।

बैतूल। आदिवासी उत्कृष्ट बालक छात्रावास बैतूल ने एक बार फिर शानदार शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करते हुए जिले में अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2026 के परीक्षा परिणामों में छात्रावास के 16 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया। पिछले वर्ष जहां 14 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जो संस्था के लगातार बेहतर होते शैक्षणिक स्तर को दर्शाती है।

उत्कृष्ट परिणाम का सबसे बड़ा उदाहरण छात्र गुड्डू कुमरे हैं, जिन्होंने कक्षा दसवीं में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया। उनके साथ छात्र लव कजोडे ने 97 प्रतिशत, अमन ने 95 प्रतिशत, विख्यात ने 95 प्रतिशत, बादल ने 93 प्रतिशत, आशुतोष ने 92 प्रतिशत, अश्विन ने 90 प्रतिशत और हरिपाल ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर छात्रावास का नाम रोशन किया। अन्य विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्था की सफलता को नई ऊंचाई दी है।

– सफलता के पीछे अनुशासन और उत्कृष्ट वातावरण की बड़ी भूमिका

विद्यार्थियों के अनुसार छात्रावास का अनुशासित और सकारात्मक वातावरण उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण है। यहां की दिनचर्या व्यवस्थित है, जिसमें अध्ययन, खेल, भोजन और विश्राम का संतुलन विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। छात्रावास परिसर में संचालित किचन गार्डन, स्वच्छ और पौष्टिक भोजनालय तथा नियमित दिनचर्या विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है।

विद्यार्थियों ने बताया कि यहां उन्हें एक ऐसा माहौल मिलता है जहां वे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर सकते हैं। यही कारण है कि हर वर्ष परिणामों में निरंतर सुधार देखने को मिल रहा है। छात्रावास का वातावरण पढ़ाई के लिए अनुकूल है, यह विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित करता है।

– सर्वांगीण विकास का मॉडल बना छात्रावास

 आदिवासी उत्कृष्ट बालक छात्रावास बैतूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की एक मजबूत सीढ़ी बन चुका है। यहां बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, नैतिकता और जीवन मूल्यों की भी शिक्षा दी जाती है, जिससे वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकें। यही वजह है कि इस छात्रावास को जिले में एक आदर्श संस्था के रूप में देखा जाता है।

इस छात्रावास के कर्मचारी, भोजन की गुणवत्ता और अधीक्षक का व्यवहार भी विद्यार्थियों की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधीक्षक द्वारा सिद्धांतों और लक्ष्यों पर फोकस रखते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया जाता है, जिससे वे निरंतर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। संस्था और अधीक्षक को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।

– अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की पसंदीदा संस्था

छात्रावास की उत्कृष्ट व्यवस्था और लगातार मिल रही सफलता के कारण यह संस्था अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भी पसंदीदा बन चुकी है। यहां की व्यवस्थाओं और परिणामों को देखने के लिए समय-समय पर अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी पहुंचते हैं और इसकी सराहना करते हैं।

लगातार बेहतर होते परिणाम और विद्यार्थियों की बढ़ती सफलता इस बात का प्रमाण है कि आदिवासी उत्कृष्ट बालक छात्रावास बैतूल शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत और विश्वसनीय मॉडल के रूप में उभर चुका है, जो आने वाले वर्षों में और भी नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

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