अस्पताल की लापरवाही सामने आई तो भड़का कर्मचारी, पत्रकार को कहा- कल तुझे देख लूंगा।
जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था उजागर, बिजली गुल होने पर भड़के परिजन । कलेक्टर से की शिकायत, दोषियों पर कार्रवाई की मांग।

बैतूल। जिला चिकित्सालय बैतूल में बीती रात बिजली संकट की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाना एक पत्रकार को महंगा पड़ गया। अस्पताल की अव्यवस्थाओं को उजागर करने के दौरान बिजली व्यवस्था संभाल रहे कर्मचारी पर पत्रकार नितिन अग्रवाल ने सरेआम जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर पत्रकारों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर दर्ज करने तथा अस्पताल प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन के अनुसार बीती रात करीब 1:30 बजे जिला चिकित्सालय बैतूल में बिजली गुल हो गई थी। आरोप है कि लगभग दो घंटे तक अस्पताल में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी दौरान पत्रकार नितिन अग्रवाल ने स्थिति की जानकारी कलेक्टर को दी। बताया गया है कि कलेक्टर के निर्देश पर सिविल सर्जन और आरएमओ अस्पताल पहुंचे। जब जनरेटर शुरू करने की बात कही गई तो अधिकारियों ने कथित तौर पर बताया कि लगभग डेढ़ लाख रुपये के डीजल भुगतान बकाया होने के कारण पेट्रोल पंप संचालक ने डीजल देना बंद कर दिया है।
ज्ञापन में दावा किया गया है कि इसके बाद आरएमओ एम्बुलेंस के माध्यम से डीजल की व्यवस्था करने गए और मरीजों के परिजनों की मदद से जनरेटर में डीजल डालकर बिजली व्यवस्था बहाल की गई। इसी दौरान अस्पताल की बिजली व्यवस्था देखने वाले कर्मचारी महेश तिवारी ने कथित रूप से पत्रकार नितिन अग्रवाल को सरेआम जान से मारने की धमकी देते हुए कहा, कल तुझे देख लूंगा। आरोप है कि यह सुनकर वहां मौजूद मरीजों के परिजन आक्रोशित हो गए, जिसके बाद संबंधित कर्मचारी वहां से चला गया।
पत्रकारों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में महेश तिवारी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने, पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जिला चिकित्सालय में उत्पन्न इस गंभीर स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन और आरएमओ के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।




