Villagers yearn for water in summer: ठेकेदार की लापरवाही से ग्रामीणों पर टूटा पेयजल संकट!

चिखलार में नल जल योजना फेल! गर्मी में पानी को तरस रहे ग्रामीण

बेखबर प्रशासन, अधूरी पड़ी नल जल योजना

बैतूल। जिले की ग्राम पंचायत कोठिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम चिखलार के ग्रामीण इन दिनों भीषण जल संकट से जूझ रहे हैं। 2023 में नल जल योजना के तहत गांव में पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के चलते इसे चालू ही नहीं किया गया। बोरवेल में मोटर तक नहीं डाली गई, जिससे ग्रामीणों को पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं हो रही है। गर्मी बढ़ते ही समस्या और गंभीर हो गई है, लेकिन प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा।

गांव के निवासी गब्बू धुर्वे, शुभम आहके, देव सिंग आहके ने बताया ग्रामीण पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गर्मी के इस मौसम में जब पानी की जरूरत सबसे ज्यादा होती है, तब गांव के लोग बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। नल जल योजना के संचालन में भारी लापरवाही सामने आई है। जिन अधिकारियों पर इस योजना की निगरानी की जिम्मेदारी थी, उन्होंने कभी मौके पर जाकर काम की प्रगति नहीं देखी। न ही पाइपलाइन की गुणवत्ता की जांच की और न ही यह सुनिश्चित किया कि बोरवेल में मोटर डाली गई है या नहीं। इस लापरवाही का खामियाजा अब ग्रामीण भुगत रहे हैं।

– हर साल आता है बजट, लेकिन समस्या जस की तस

हर साल पेयजल योजनाओं के लिए लाखों रुपये का बजट पास होता है, लेकिन धरातल पर इसका सही उपयोग नहीं हो पाता। चिखलार के लोगों को उम्मीद थी कि नल जल योजना से उनकी पानी की समस्या दूर होगी, लेकिन अब यह योजना कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है।ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब उन्हें इस समस्या से राहत मिलेगी? कब प्रशासन ठेकेदार पर कार्रवाई करेगा और कब नल जल योजना को शुरू किया जाएगा? सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की बात तो करती है, लेकिन चिखलार के हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द अधूरी योजना को पूरा किया जाए, ताकि उनकी प्यास बुझ सके।

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