Complent: पंचायत में नहीं मिलते रोजगार सहायक, ग्रामीणों ने की शिकायत
विकास खंड आठनेर के अन्तर्गत ग्राम धायवानी का मामला

बैतूल। जिले की ग्राम पंचायतों में रोजगार सहायकों को इसलिए पदस्थ किया गया है कि वे ग्रामीणों को शासन की योजना उन तक पहुंचाएं और उन्हें लाभ दिलाएं। लेकिन ग्राम पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन के नाम पर पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। जिससे ग्रामीण शासन की योजना से वंचित होने के साथ परेशान हो रहे है।
हाल ही में विकास खंड आठनेर के अन्तर्गत ग्राम धायवानी से एक मामला सामने आया जहां रोजगार सहायक नन्दू पांसे की कार्य प्रणाली से वहां के ग्रामीण काफी त्रस्त हो चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शासन द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पा रही है, संचालित योजनाओं से ग्राम के लोग वंचित है। पंचायत कार्यालय में रोजगार सहायक मिलते नहीं है। पंचायत संबंधित किसी भी कार्य के लिए ग्रामीणों, हितग्राहियों को रोजगार सहायक अपने घर बुलाते है। पंचायत भवन में कभी बैठ कर काम नहीं करते है। ग्राम के लोगों और हितग्राहियों को अपने घर बुलाकर काम करते है। ग्रामीणों ने कई बार पंचायत में रहने का आग्रह किया लेकिन रोजगार सहायक किसी की नहीं सुनता है। अपनी मनमानी पर अडिग है। रोजगार सहायक द्वारा पेशा एक्ट एवं पंचायती संविधान की अवहेलना की जा रही है। समय सीमा में कोई भी शासकीय कार्य नहीं किए जा रहे है।ग्रामीणों ने रोजगार सहायक की नियुक्ति में भी फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया है। शिकायत करने वालों में चंदूलाल, गोमा, गणेश पांसे, सायबू, लालचंद, गोविंद, हिरचंद रघुनाथ, प्रेमलाल, मोतीलाल आदि ग्रामीण शामिल थे।




