पर्यावरण बचाना आज सबसे बड़ी आवश्यकता: नेहा गर्ग

बैतूल। पर्यावरण में वह सभी प्राकृतिक संसाधन शामिल है जो कई तरीकों से हमारी मदद करते हैं और चारों ओर से हमें घेरे हुए हैं। यह हमें बढऩे तथा विकसित होने का बेहतर माध्यम देता है। यह हमें वह सब कछ प्रदान करता है जो इस ग्रह में जीवन यापन करने हेतु आवश्यक है। उक्त उद्गार बैतूल शिल्पकला एवं ग्रामीण विकास समिति की अध्यक्ष एवं बैतूल नपा की ब्रांड एम्बेसेडर श्रीमती नेहा गर्ग ने शासकीय महाविद्यालय शाहपुर में आयोजित प्रशिक्षण सह कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में व्यक्त किए।

शासकीय महाविद्यालय शाहपुर की प्राचार्य श्रीमती नीतू जायसवाल (माहोरे) ने बताया कि महाविद्यालय के इको क्लब (हरतिमा) द्वारा वन एवं पर्यावरण नियोजक एवं समन्वयक संगठन (एप्को) पर्यावरण विभाग म.प्र. शासन भोपाल एवं पर्यावरण वन एवं जलवायु मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के द्वारा प्रायोजित पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम 2025-26 के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई थी।

महाविद्यालय के व्याख्याता एवं इको क्लब प्रभारी डॉ. नितेश पाल ने बताया कि कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में पर्यावरण बचाने के लिए कबाड़ से जुगाड़ की थीम पर लंबे समय से काम कर रही बैतूल की ब्रांड एम्बेसेडर श्रीमती नेहा गर्ग विभिन्न कलाओं में दक्ष श्रेणिक जैन एवं चित्रकार सुश्री उमा सोनी शामिल हुए एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा विद्यार्थियों को चित्रकला का भी प्रशिक्षण दिया गया। और कई विद्यार्थियों ने मौके पर अपनी कला का प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय प्रबंधन के द्वारा प्राचार्य के हस्ते प्रशिक्षकों का अवार्ड देकर सम्मान किया गया।

– कबाड़ से निर्मित की कलाकृति

इस अवसर पर कॉलेज कैंपस में कबाड़ से एक कलाकृति का भी निर्माण किया गया। कॉलेज के कोने का सद्पयोग करते हुए ब्रांड एम्बेसेडर श्रीमती नेहा गर्ग, श्रेणिक जैन एवं उमा सोनी ने वेस्ट मटेरियल का उपयोग करते हुए फाउंटेन बनाया जो आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कबाड़ से बनाई गई इस कलाकृति को देखकर कॉलेज प्रबंधन सहित विद्यार्थियों ने इसकी मुक्त कण्ठ से प्रशंसा भी की।की कलाकृति

इस अवसर पर कॉलेज कैंपस में कबाड़ से एक कलाकृति का भी निर्माण किया गया। कॉलेज के कोने का सद्पयोग करते हुए ब्रांड एम्बेसेडर श्रीमती नेहा गर्ग, श्रेणिक जैन एवं उमा सोनी ने वेस्ट मटेरियल का उपयोग करते हुए फाउंटेन बनाया जो आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। कबाड़ से बनाई गई इस कलाकृति को देखकर कॉलेज प्रबंधन सहित विद्यार्थियों ने इसकी मुक्त कण्ठ से प्रशंसा भी की।

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