3 किमी जर्जर मार्ग और संकरी पुलिया से प्रभावित हो रहा आवागमन, बरसात में सड़क-पुलिया बनती है मुसीबत

बैतूल। ग्राम पंचायत कानाखापा के अंतर्गत ग्राम सोनखेड़ी के ग्रामीणों ने वर्षों पुरानी सड़क समस्या को लेकर एकजुट होकर पक्की सड़क निर्माण और पुलिया चौड़ीकरण की मांग की है। ग्रामीणों ने सरपंच को सामूहिक आवेदन सौंपकर आगामी ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अथवा अन्य उपयुक्त योजना के तहत जनपद पंचायत, जिला पंचायत, मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन को भेजने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि सोनखेड़ी से ग्राम पंचायत मुख्यालय कानाखापा तक करीब तीन किलोमीटर का मार्ग आज भी कच्चा और जर्जर है। बरसात में कीचड़ और जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो जाता है। इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों, मजदूरों और मरीजों पर पड़ता है। कई बार आपात स्थिति में एम्बुलेंस सहित अन्य आवश्यक वाहन भी समय पर गांव तक नहीं पहुंच पाते। पंचायत कार्य, बैंक, उचित मूल्य की दुकान, स्वास्थ्य सेवाएं, बाजार और अन्य शासकीय कार्यों के लिए ग्रामीणों को नियमित रूप से कानाखापा जाना पड़ता है, लेकिन खराब सड़क से उन्हें लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने सोनखेड़ी से करीब 500 मीटर दूर स्थित एचपीसी पाइप वाली संकरी पुलिया के चौड़ीकरण की भी मांग की है। उनका कहना है कि बड़ी स्कूल बसों और भारी वाहनों का यहां से निकलना जोखिमभरा है। खेड़ीकोर्ट और थाना साईंखेड़ा मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी, श्रद्धालु और ग्रामीण आवागमन करते हैं। बारिश के दौरान पुलिया पर करीब पांच फीट तक पानी बहने से घंटों यातायात बंद रहता है और कई बार स्कूली बच्चों को पुलिया किनारे पानी उतरने का इंतजार करना पड़ता है।
ग्राम पंचायत कानाखापा की सरपंच राधिका तुलसीराम धोटे ने कहा कि ग्रामीणों की मांग जनहित से जुड़ी है। आगामी ग्राम सभा में प्रस्ताव प्रस्तुत कर आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। पंचायत सड़क निर्माण और पुलिया चौड़ीकरण के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
इस दौरान भरत दवंडे, प्रकाश दवंडे, प्रद्युम्न पंडाग्रे, नीलेश बारस्कर, पिंटू पटेल, शिवशंकर दवंडे, बबलू दवंडे, कृष्णा धोटे, संजू पटेल, दीपक दवंडे, अंशुल मालवीय तथा मां बगलामुखी उपासक आचार्य रविन्द्र मानकर सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।




