प्रजापति समाज के मूर्तिकारों की आजीविका पर संकट: नगरपालिका के बेदखली आदेश से मचा हड़कंप
भगवान श्री गणेश को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे मूर्तिकार, अभिनन्दन सरोवर के पास मूर्ति बनाने की मांगी अनुमति

बैतूल। अभिन्नदन सरोवर के पास 20 वर्षों से मूर्तियां बनाकर जीवन यापन कर रहे प्रजापति समाज के लोग नगरपालिका के बेदखली आदेश से चिंतित हैं। नगर पालिका द्वारा उन्हें यहां से हटाए जाने का आदेश मिला है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। मूर्तिकारों ने सोमवार को अपर कलेक्टर से मिलकर अभिनन्दन सरोवर के पास मूर्ति बनाने की मांगी अनुमति है।
मूर्तिकारों ने बताया कि वे इस जमीन पर वर्षों से मूर्तियों का निर्माण कर रहे हैं, जो उनकी कर्मस्थली है। नगर पालिका द्वारा यह जगह उन्हें अस्थाई रूप से मूर्तिकारी के कार्य के लिए दी गई थी। उन्हें प्रतिमाह भुगतान की रसीद भी दी जाती है। नगर पालिका ने उन्हें इस जगह से हटाने का आदेश दिया है और तंबू और पाल लेकर हटने को कहा है। 6 जुलाई को नगर पालिका परिषद जेसीबी मशीन लेकर उनके कार्यस्थल पर पहुंची, जिससे मूर्तिकारों में भय और चिंता व्याप्त हो गई है। यह जगह उनकी आजीविका का साधन है और वे यहीं मूर्तियों का निर्माण करना चाहते हैं। मूर्तिकारों ने अपर कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपा, भगवान श्री गणेश की प्रतिमा भी भेंट की। ज्ञापन में मांग की गई है कि उन्हें अभिन्नदन सरोवर के पास से न हटाया जाए और मूर्तियों का निर्माण करने दिया जाए। मूर्तिकार सुनील प्रजापति का कहना है कि यह जमीन उनके व्यवसाय के लिए अति महत्वपूर्ण है और वे वर्षों से यहां मूर्तियों का निर्माण कर रहे हैं। नगर पालिका द्वारा उन्हें बेदखल करने का आदेश उनकी आजीविका पर सीधा आघात है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि उन्हें इसी स्थान पर मूर्तियों का निर्माण करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा मूर्तिकारों की आजीविका को सुरक्षित रखने और उनके पारंपरिक व्यवसाय को जारी रखने के लिए प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। नगर पालिका और प्रशासन को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए ताकि मूर्तिकारों का जीवन यापन सुरक्षित रहे और उनके व्यवसाय को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाया जा सके।




