Injustice being done to the tribals since 1950: वन विभाग के कब्जे से आदिवासियों की जमीनें छुड़ाने की मांग, जयस ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
कार्यवाही न होने पर 26 जनवरी को काला दिवस मनाने का ऐलान

जयस ने कहा: 1950 से आदिवासियों के साथ हो रहा अन्याय
बैतूल। जिला पंचायत बैतूल क्षेत्र क्रमांक 23 भीमपुर के जिला पंचायत सदस्य एवं जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन के जिला अध्यक्ष संदीप कुमार धुर्वे ने वन विभाग पर आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर बैतूल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने इस मुद्दे पर 15 दिनों में कार्यवाही न होने पर 26 जनवरी 2025 को काला दिवस मनाने और सामूहिक पुतला दहन करने का ऐलान किया है।
संदीप कुमार धुर्वे ने बताया कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद से ही बैतूल जिले में वन विभाग ने राजस्व ग्रामों की सार्वजनिक और निस्तारी प्रयोजन की जमीनों को अपने कब्जे में ले लिया। लगभग 74 हजार हेक्टेयर दखल रहित भूमि और 7500 हेक्टेयर नारंगी वन भूमि को वर्किंग प्लान में शामिल कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि यह जमीनें राजस्व विभाग के अभिलेखों में दखल रहित दर्ज हैं। 18 दिसंबर 2024 को राजस्व विभाग ने विधानसभा में प्रश्न क्रमांक 1048 के तहत बताया कि इन जमीनों का आवंटन कभी कलेक्टर ने वन विभाग को नहीं किया और न ही राजस्व विभाग ने इन्हें सौंपा। इसके बावजूद वन विभाग ने इन जमीनों पर कब्जा कर लिया है।
जयस का आरोप है कि 1960 से वन विभाग ने आदिवासियों की निजी भूमि को भी वर्किंग प्लान में शामिल कर कब्जा कर लिया। आदिवासियों को उनकी निजी भूमि से बेदखल कर दिया गया, और वहां वृक्षारोपण और वनोपज की कटाई तक कर दी गई।
संदीप कुमार धुर्वे ने बताया कि यह वन विभाग की ओर से संविधान, कानून और न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि वन विभाग ने सर्वोच्च अदालत के आदेशों को भी नजरअंदाज कर जमीनों को नारंगी वन क्षेत्र में शामिल कर लिया है।
जयस ने इस मुद्दे पर महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन कलेक्टर बैतूल को सौंपा। जयस ने मांग की है कि 15 दिनों के भीतर वन विभाग के कब्जे और कार्यों पर संवैधानिक और वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। कार्यवाही न होने पर 26 जनवरी को काला दिवस मनाते हुए पुतला दहन किया जाएगा। जयस ने राष्ट्रपति और राज्यपाल से संविधान की 5वीं अनुसूची की धारा 5(2) के तहत आदिवासियों को संरक्षण देने की विशेष जिम्मेदारी निभाने की अपील की है।




