छह से आठ फरवरी तक पुरी में आयोजित होगा भामसं का 21वां अखिल भारतीय सम्मेलन
बैतूल से मधुकर साबले सहित पांच प्रतिनिधि होंगे सहभागी

सात फरवरी को 50 हजार कार्यकर्ताओं की विशाल रैली और जनसभा
बैतूल। भारतीय मजदूर संघ का 21वां अखिल भारतीय सम्मेलन 6 से 8 फरवरी तक ओडिशा की पवित्र तीर्थनगरी पुरी में आयोजित होगा। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय अधिवेशन में श्रम जगत के ज्वलंत मुद्दों बदलती तकनीक, पर्यावरणीय चुनौतियां, वैश्वीकरण और श्रम कानूनों के प्रभाव पर गहन विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन में देश की श्रम नीति और औद्योगिक भविष्य की दिशा तय करने पर भी चर्चा होगी।
भारतीय मजदूर संघ के जिलामंत्री पंजाबराव गायकवाड ने बताया कि अधिवेशन में राष्ट्रीय हित और श्रम की महिमा पर विशेष जोर दिया जाएगा। श्रम संहिताओं का प्रभाव, रोजगार के बदलते स्वरूप, ठेका श्रम, गिग वर्क तथा ट्रेड यूनियनों की भूमिका जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा प्रस्तावित है।
सम्मेलन में बदलते तकनीकी, आर्थिक, पारिस्थितिक एवं नैतिक परिदृश्य, कार्य-जगत पर प्रभाव और ट्रेड यूनियनों की भूमिका विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। महिला सहभागिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में ट्रेड यूनियन आंदोलन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, चुनौतियां और अवसर विषय पर मंथन किया जाएगा। सात फरवरी को पुरी में 50 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी के साथ विशाल जुलूस और जनसभा आयोजित होगी। विशेष व्याख्यान, उद्योग-वार चर्चाएं, प्रस्ताव पारित करना, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय विरासत का प्रदर्शन भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा।
देशभर के 28 राज्यों, 4 केंद्रशासित प्रदेशों और 42 औद्योगिक महासंघों के लगभग 2 हजार 500 प्रतिनिधि तथा 12 ब्रिक्स देशों के भ्रातृ संगठनों के प्रतिनिधि अधिवेशन में शामिल होंगे। 400 से अधिक स्वयंसेवक आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं।
बैतूल से भारतीय मजदूर संघ के पूर्व प्रदेश महामंत्री मधुकर साबले, महेंद्र सिंह ठाकुर, राजेश मंसूरिया, पंजाबराव गायकवाड और चाणक्य राखड़े अधिवेशन में सहभागिता करेंगे। 2008 में कटक के बाद 18 वर्ष पश्चात ओडिशा पुनः इस स्तर के सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।




