शिक्षकों का सब्र टूटा, वेतन के लिए शिक्षा मंत्री की शरण में पहुंचे

बैतूल। प्रदेश के अनुदान प्राप्त शिक्षकों की वेतन संबंधी समस्या अब गंभीर हो गई है। पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने के कारण शिक्षक अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं। इससे परेशान होकर, शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल जतारा विधायक हरिशंकर खटीक के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से मिला।

शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के सामने अपनी वेदना प्रकट की और बताया कि वेतन में हो रही देरी से उनका जीवन मुश्किल में पड़ गया है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को विभिन्न कारणों से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसमें प्रमुख रूप से लोक शिक्षण संचनालय के अधिकारियों का अलोकतांत्रिक और तानाशाही रवैया शामिल है। शिक्षकों का आरोप है कि इन अधिकारियों द्वारा शिक्षकों को अनुचित तरीके से परेशान किया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल टूट रहा है।

शिक्षकों ने पूरे प्रदेश में अपने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और अपनी समस्याओं को उनके सामने रखा। हालांकि, सभी ने उन्हें आश्वासन दिया, लेकिन किसी भी तरह का ठोस समाधान नहीं निकल पाया। शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से मुलाकात के दौरान, शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि मंत्री उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। मंत्री ने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेंगे और जल्द ही लंबित वेतन के आदेश जारी करेंगे। उन्होंने शिक्षकों को न्याय दिलाने का वादा किया, जिससे शिक्षकों में कुछ हद तक राहत की उम्मीद जगी है। इस प्रतिनिधिमंडल में मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रांतीय संरक्षक प्रहलाद किरार, प्रांत अध्यक्ष एलबी सेठ, प्रांतीय महामंत्री अरुण गुबरेले, प्रांतीय कोषाध्यक्ष नारायण अडलक, जिला इकाई बैतूल के अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, संदीप कौशिक और अजय शुक्ला शामिल थे।

शिक्षा मंत्री के सकारात्मक आश्वासन के बाद, अब शिक्षकों को उम्मीद है कि उनकी वेतन संबंधी समस्या का समाधान शीघ्र होगा और वे अपने कर्तव्यों का निर्वाह पूरी निष्ठा से कर पाएंगे।

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