शिक्षकों को सीटी एवं एआई कार्यशाला में मिला भविष्य की तकनीक का ज्ञान।

कक्षा 3 से 8 तक लागू होने वाले नए पाठ्यक्रम पर शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण । राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप संगणनात्मक चिंतन और एआई पर हुआ जिला स्तरीय विमर्श । मानसरोवर द स्कूल में आयोजित कार्यशाला में 20 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा।

बैतूल। शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ते कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के महत्व को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की अनुशंसा पर आधारित जिला स्तरीय सीटी एवं एआई (संगणनात्मक चिंतन एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता) कार्यशाला का आयोजन मानसरोवर द स्कूल में किया गया। एक दिवसीय इस कार्यशाला में सीबीएसई द्वारा नामित शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप भविष्य की तकनीकों से परिचित कराया गया। कार्यशाला में 20 प्रतिभागियों ने सहभागिता कर विषय विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

कार्यशाला में बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं राष्ट्रीय विद्यालयी शिक्षा पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के दृष्टिकोण के अनुरूप केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा तीसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए संगणनात्मक चिंतन एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर पाठ्यक्रम प्रारंभ किया है। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक सोच विकसित करना, समस्याओं का व्यवस्थित समाधान खोजने की क्षमता बढ़ाना तथा आधारभूत क्षमताओं का विकास करना है।

– विद्यार्थियों को भविष्य के लिए किया जाएगा तैयार

कार्यशाला के दौरान एआई की मूलभूत अवधारणाओं, उसके उपयोग और शिक्षा में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करेगा तथा उनमें नवाचार और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देगा। कार्यक्रम में एआई का परिचय कराने और डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

– विशेषज्ञों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यशाला में जे.एच. कॉलेज, बैतूल के सहायक प्राध्यापक डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय के पीजीटी रुपेश पाल तथा लिटिल फ्लावर स्कूल के टीजीटी चंद्र कुमार गुप्ता ने प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने संगणनात्मक चिंतन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी तथा शिक्षकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

– अतिथियों की उपस्थिति में हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मानसरोवर द स्कूल के चेयरमैन डॉ. विनय सिंह चौहान, डायरेक्टर डॉ. पुष्पलता साबले, पंकज साबले, हेमराज जसूजा एवं लीला सरले की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम का संचालन नवीन डोंगरे ने किया। कार्यशाला में समन्वयक की भूमिका केशव साबले एवं मोनिका वर्मा ने निभाई, जिनके सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य एस.वी. चंद्रशेखर ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों तथा सीओई भोपाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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