35 दिन वैराग्य के साथ चला ताप्ती पदयात्रा दल।

मां नर्मदा की तरह मां ताती का जन-जन तक फैलाएंगे यशोगान: जितेन्द्र कपूर एक हजार किमी की 19वीं मां ताप्ती परिक्रमा पूर्ण, उद्गम स्थल पर समापन।

 

बैतूल। मां ताप्ती दर्शन पदयात्रा 19वें वर्ष में एक हजार किलोमीटर की दूरी पूरी कर पूर्ण परिक्रमा के रूप में 17 फरवरी को उद्गम स्थल पर संपन्न हो गई। प्रतिवर्ष 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण होने के साथ प्रारंभ होकर 17 फरवरी को समाप्त होने वाली यह यात्रा इस वर्ष डुमस से उद्गम स्थल तक पहुंचकर पूर्ण की गई। पिछले वर्ष उद्गम स्थल से डुमस तक यात्रा गई थी, उसी कड़ी को पूर्ण करने के उद्देश्य से इस बार वापसी मार्ग तय किया गया।

समिति अध्यक्ष जितेन्द्र कपूर ने कहा कि मां ताप्ती के मानस पुत्र-पुत्रियां बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। उन्होंने जिले के समस्त ताप्ती भक्तों और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग करने वाले श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जैसे मां नर्मदा का यशोगान होता है, वैसे ही मां ताप्ती का यश फैलाना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि 19 वर्षों से यात्रा निरंतर जारी है और आगे भी यह संकल्प चलता रहेगा। उन्होंने मां ताप्ती से भक्तों की खुशहाली और अपने बड़े लक्ष्य को पूरा करने का आशीर्वाद मांगा। उन्होंने कहा कि जिले में चार डैम बन चुके हैं और पांचवां स्वीकृत है। हमारा सपना है कि जिले की आध्यात्मिक पहचान सूरत तक पहुंचे और सूरत का भौतिक विकास जिले तक आए।

दोनों तटों से गुजरती इस पदयात्रा का उद्देश्य धर्म, पर्यावरण, नदी संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संरक्षण तथा महान संतों की तपोभूमि और वर्तमान संतों के दर्शन कर उनके आचरण को जीवन में उतारना रहा। 35 दिवस की इस यात्रा में पदयात्रियों ने वैराग्य का पालन करते हुए शारीरिक सुख-सुविधाओं से दूर रहकर पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार मार्ग तय किया।

यात्रा के दौरान ताप्ती तट पर अनेक संतों के आश्रम, मंदिर और मठों का दर्शन हुआ। सूरत के उदासी आश्रम के संत निर्मलदेव, सूरत के रामनगर एवं हरिपुरा के अवधूत आश्रम, संत अनुपगिरी, बैतूल के बारहलिंग के संत मौनीबाबा, गुणवंत बाबा के शिष्य विट्ठलदासजी की समाधि स्थल सेन्दुरझना सहित अनेक तपोभूमियों का उल्लेख किया गया। कोलगांव और मांढवी ग्राम के बीच ताप्ती तट पर पूर हनुमान मंदिर क्षेत्र में डॉ. अयोध्या प्रसाद दुबे ने पारिवारिक भूमि बदलकर मंदिर ट्रस्ट को दान दी, जिस पर श्रीराम पटैया और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से हॉल और कक्ष का निर्माण कराया गया। क्षेत्रीय विधायक ने भागवत कार्यक्रम में तट विकास का आश्वासन भी दिया।

समापन अवसर पर ताप्ती निर्माणाधीन लॉन मुलताई में सुखदेव प्रसाद सोनी परिवार ने पदयात्रियों के चरण धोकर माल्यार्पण किया। शोभायात्रा बाजे-गाजे के साथ नगर में प्रवेश हुई। ताप्ती तट पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष हेमंत शर्मा, सभापति अजय यादव, सुरेश पौनीकर, गुलाबराव देशमुख, मंगला गव्हाडे सहित अनेक भक्त उपस्थित रहे। बैतूल से जितेन्द्र कपूर, ब्रजपांडे, प्रमोद शर्मा, अनिल दुबे, प्रो. उषा द्विवेदी कन्या महाविद्यालय बैतूल, प्राचार्य विध्या चौधरी, प्रो. साधना डेहरिया, आरती दीक्षित, पूर्व विधायक निलय डागा, भूषण साबले, हर्षवर्धन धोर्ट सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की। मां ताप्ती को 151 साड़ियों की चुनरी अर्पित कर महाआरती की गई और पदयात्रियों की घर वापसी के साथ परिक्रमा का विधिवत समापन किया गया।

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