ग्राम रेणुका खापा में नल-जल योजना बंद । दूषित कुएं के पानी का उपयोग करने को मजबूर ग्रामीण। ग्रामीणों ने जनपद सीईओ और सरपंच को दिया आवेदन।

 

बैतूल। आठनेर तहसील की बाकुड़ ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले रेणुका खापा में भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही पेयजल संकट गहरा गया है। गर्मी का दौर शुरू होते ही गांव में पानी के स्रोत लगभग जवाब देने लगे हैं। करीब 700 की आबादी वाला यह गांव इन दिनों पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। गांव में नल-जल योजना बंद पड़ी है, हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया है और मजबूरी में ग्रामीण पंचायत द्वारा बनाए गए कुएं के दूषित पानी का उपयोग कर रहे हैं।

ग्रामीण रोशन कोसे, परमेश्वर, रवींद्र, सदन ने बताया कि ग्राम में शासन की नल-जल योजना निर्माण के बाद से ही बंद पड़ी है। योजना बंद होने के कारण लोगों को घरों तक पानी नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर गांव के अधिकांश हैंडपंपों का जलस्तर भी नीचे चला गया है, जिससे वे ठीक से पानी नहीं दे पा रहे हैं। पानी की तलाश में ग्रामीणों को रोजाना दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्राम पंचायत द्वारा पहले से बनाया गया कुआं भी इस समय राहत नहीं दे पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कुएं का पानी गंदा और दूषित हो चुका है, जो पीने योग्य नहीं है। इसके बावजूद पानी की भारी कमी के कारण ग्रामीण मजबूरी में उसी पानी का उपयोग नहाने-धोने और अन्य दैनिक कामों के लिए कर रहे हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने जनपद सीईओ और सरपंच को आवेदन देकर बंद पड़ी नल जल योजना को शुरू करने और खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराकर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button