भोजन व मिठाई पाकर खिल उठे जरूरतमंद बच्चों के चेहरे

सोमवती अमावस्या पर श्री योग वेदांत सेवा समिति ने की सेवा

बैतूल। सनातन हिन्दू संस्कृति के शास्त्रों में सोमवती अमावस्या का बहोत महत्व बताया गया है यह तिथि सूर्यग्रहण के बराबर कही गई है जिसमें जप, ध्यान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण के साथ ही अन्न आदि के दान का फल भी अक्षय होता है। संत श्री आशारामजी बापू द्वारा बताई शास्त्र की इन्हीं बातों को ध्यान रखते हुए श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल द्वारा सोमवार शहर के बड़ोरा व ओझाढाना क्षेत्र के जरूरतमंद बच्चों को गरम ताजे भोजन के साथ मिठाई वितरित की। जिससे जरूरतमंद के चेहरे खुशी से खिल उठे। समिति के संरक्षक राजेश मदान ने बताया कि सोमवती अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में मौन रहकर स्नान के साथ जरूरतमंदों को अन्न, जल और वस्त्र का दान बहुत पुण्यदायी माना जाता है इस दिन दान, पूजा पाठ, व्रत, धार्मिक कार्य आदि सत्कर्मों से व्यक्ति अपने जीवन में सुख समृद्धि और शांति का अनुभव कर सकता है। इस दिन पितृों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म करके दान करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। श्री मदान ने बताया कि पूज्य बापूजी की सत्प्रेरणा से समिति द्वारा समय-समय पर जरूरतमंदों की भोजन, वस्त्र, बर्तन, दक्षिणा, कम्बल, मिठाई आदि वितरित कर सेवा की जाती है। आयोजित सेवाकार्य में समिति संरक्षक राजेश मदान के साथ अनूप मालवीय, बलवंत मदान, सुरेश खोसला, राम टुटेजा, मोहन मदान, योगिता मदान सहित अन्य साधकों का योगदान सराहनीय रहा।

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