आईटीआई में आयोजित हुआ तीन दिवसीय हार्टफुलनेस ध्यान शिविर।
प्रशिक्षकों ने साझा किए ध्यान के अनुभव और लाभ।

बैतूल। शासकीय एकलव्य महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, बैतूल में हार्टफुलनेस संस्था के तत्वावधान में तीन दिवसीय ध्यान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में संस्था के समस्त स्टाफ और प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम कमलेश डी. पटेल (दाजी) के मार्गदर्शन में संचालित गतिविधियों का हिस्सा रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हार्टफुलनेस ध्यान प्रशिक्षक विनोद कुमार जेठवा उपस्थित रहे। उनके साथ संस्था से कमल अग्रवाल और राजेंद्र सिंह परिहार विशेष रूप से शामिल हुए। कमल अग्रवाल ने हार्टफुलनेस का परिचय देते हुए इसे जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मकता लाने वाली सरल और प्रभावी ध्यान पद्धति बताया।
राजेंद्र सिंह परिहार ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नियमित ध्यान से उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिला और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए। मुख्य अतिथि विनोद कुमार जेठवा ने ध्यान के महत्व को समझाते हुए कहा कि हार्टफुलनेस ध्यान का उद्देश्य हृदय के माध्यम से उच्चतर ‘स्व’ से जुड़ना है, जो योग का वास्तविक अर्थ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि स्रोत से एकत्व के लिए व्यक्ति को स्वयं को उसी अनुरूप बनाना जरूरी है।
संस्था की ओर से रेवाशंकर पंडाग्रे ने बताया कि इस प्रशिक्षण से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, अनुशासन और मानसिक संतुलन में सकारात्मक विकास हो रहा है। प्राचार्य अजीश पंद्रे ने संस्था का आभार जताते हुए बताया कि एमओयू के तहत फ्लोरीकल्चर ट्रेड की प्रशिक्षणार्थियों को ऑन जॉब ट्रेनिंग दी गई और बाद में हैदराबाद स्थित कान्हा शांतिवनम में रोजगार मिलने से संस्था को विशेष पहचान मिली है।
कार्यक्रम में रेवाशंकर पंडाग्रे, पुष्पा नागले, विनीता पाटिल, रामनारायण गंगारे, महेश चौधरी, दिलीप बेले, सोमू मराठा, तारिणी यादव, सुषमा साहू, शारदा साहू और भारती यादव सहित संस्था का पूरा स्टाफ और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।




