आत्मा की आवाज को शांत होकर सुनना ही हैं अल्प विराम: कौशलेश तिवारी
आनंद की अल्प विराम कार्यशाला जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के सभाग्रह में सम्पन्न

चिंताओं को सीमित कर अपने प्रभाव क्षेत्र को बढ़ाना ही आनंद हैं: दिलीप गीद
बैतूल। घोड़ाडोंगरी विकासखण्ड में 17 अक्टूबर को एक दिवसीय अल्प विराम परिचय कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सुर्यवंशी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षत जैन के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत के सभाग्रह में आयोजित कि गईं। कार्यशाला का आरंभ राज्य आनंद संस्थान के मास्टर ट्रेनर गणेश कानड़े, दिलीप गीद, तूलिका पचौरी, जिला सम्पर्क व्यक्ति महेश गुंजेले, ब्लाक समन्वयक संतोष राजपूतं एवं विभिन्न विभागों के प्रतिभागियों के द्वारा सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। परिचय सत्र में जिला सम्पर्क व्यक्ति महेश गुंजेले ने आनंद विभाग की गतिविधियों जिसमें आनंदक, आनंद उत्सव, आनंदम, आनंद सभा, अल्प विराम, आनंद कैलेन्डर, आनंद क्लब, आनंद शिविर, आनंद व्याख्यान, के बारे विस्तार से बताया तथा विडियो के माध्यम परिचय कराया इस अवसर पर उन्होने आनंद की ओर विषय पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों की शेयरिंग ली।
मास्टर ट्रेनर गणेश कानडे द्वारा जीवन का लेखा-जोखा विषय पर चर्चा की इसमें बचपन से लेकर अब तक मेरी मदद किस-किस ने की है, बचपन से लेकर अब तक मैंने किस-किस की निःस्वार्थ मदद की, बचपन से लेकर अब तक मुझे किस-किस ने दुःख दिया, बचपन से लेकर अब तक मैंने किस-किस को दुःख दिया। इन सत्र में सभी प्रतिभागियों द्वारा अपनी शेयरिंग दी। मास्टर ट्रेनर तूलिका पचौरी फ्रीडम ग्लास पर चर्चा करते हुए स्वंय के अन्दर लोभ, क्रोध, लालच, ईर्ष्या आदि पर अपनी स्वयं कि शेयरिंग दी तथा प्रतिभागियों से चर्चा की। मास्टर ट्रेनर दिलीप गीद ने चिंता का दायरा विषय पर जीवन में सकारात्मक सोच रखने से कई चिंताओं से मुक्त रहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि चिंता चिता के समान हैं, उन्होंने स्वयं की चिंता,परिवार की चिंता,समाज की चिंता विषय पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि चिंताओं को सीमित कर अपने प्रभाव क्षेत्र बढ़ाना ही आनंद हैं।
– आत्मा की आवाज को शांत होकर सुनना ही हैं अल्प विराम

सत्र में संभाग समन्वयक जन अभियान परिषद कौशलेश तिवारी ने कहा कि अल्प विराम शांत होकर आत्मा की आवाज को सुनना हैं। जिला समन्वयक प्रिया चौधरी ने कहा कि जीवन के भागदौड़ भरे इस माहौल में आनंद विभाग के माध्यम से जो आनंद के पल मिल रहे हैं उससे एक नई दिशा में कदम बढ़ाने का अवसर मिलेगा। जन अभियान परिषद घोड़ाडोंगरी द्वारा सभी प्रतिभागियों को आनंद भोज कराया गया। इस कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, पशु पालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका परिषद के तथा अन्य विभाग के 62 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने आनंद विभाग से निरंतर जुड़कर स्वयं से स्वयं की मुलाकात तथा अपने अंतर्मन की आवाज को सुनकर,स्वयं को पहचानने के साथ दूसरों की मदद करने की इच्छा व्यक्त की।
फीडबैक में प्रतिभागियों ने कहा कि आनंद संस्थान की अच्छी पहल हैं, यह कार्यशाला सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक है। इस कार्यशाला में सहयोग जन अभियान परिषद की टीम के जतिन प्रजापति, भावना उइके, राहुल उइके, रोशनी धोटे, शिखा झरबड़े, नविनो नायर एवं जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का रहा।





