Betul news: अतिक्रमण हटाने के आदेश के बाद भी कार्रवाई में लापरवाही
कलेक्टर जनसुनवाई में की अतिक्रमण की शिकायत, अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

बैतूल। राजस्व अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण न हटाने और झूठी रिपोर्ट देने के एक मामले में आवेदक ने जनसुनवाई में पहुंचकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुसली गांव के रहने वाले आवेदक जीवनदास सोलंकी पिता रूपचंद सोलंकी ने जनसुनवाई में उपस्थित होकर बताया कि उन्होंने 27 अगस्त 2024 को सीएम हेल्पलाइन क्र. 28642024 पर अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आठनेर तहसील क्षेत्र में अतिक्रमण की बात सामने आई थी। मौके पर राजस्व अधिकारियों द्वारा जांच की गई, लेकिन अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया है।
आरोप है कि तहसीलदार कीर्ति डेहरिया, नायब तहसीलदार, आर. आई. डोमा नरवरे, और पटवारी मोहम्मद रफीक ने मौके पर जाकर अतिक्रमण की जांच की, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किए बिना झूठी रिपोर्ट शासन की 181 हेल्पलाइन पर प्रस्तुत कर दी। इस रिपोर्ट में कहा गया कि अतिक्रमण हटा दिया गया है, जबकि मौके पर अभी भी अतिक्रमण मौजूद है। जीवनदास ने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने शासन को गुमराह किया है और भ्रामक जानकारी दी है, जिससे अतिक्रमण अभी तक नहीं हट पाया है।
शिकायतकर्ता जीवनदास सोलंकी ने बताया कि उन्होंने अतिक्रमण हटाने के लिए सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन तहसील और थाना आठनेर के अधिकारियों द्वारा उनकी शिकायत का झूठा निराकरण किया गया। उन्होंने कहा कि तहसील और थाना स्टाफ की मिलीभगत के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही है और उन्हें अनावेदकों से जान-माल का खतरा बना हुआ है।
— मौके पर अब भी अतिक्रमण–
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद हल्का पटवारी द्वारा जांच की गई, जिसमें यह पाया गया कि रास्ता मद में जगमल नामक व्यक्ति द्वारा 0.004 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण किया गया था। मौके पर जगमल ने अतिक्रमण हटा लिया था, जिसके बाद शिकायत का निराकरण कर दिया गया। हालांकि, जीवनदास ने इस पर असहमति जताते हुए कहा कि मौके पर अब भी अतिक्रमण बना हुआ है और इस संबंध में अधिकारियों ने गलत जानकारी दी है।
जीवनदास सोलंकी ने कलेक्टर जनसुनवाई में इन अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की मांग करते हुए कहा कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने बताया कि लगभग 30-32 लोगों द्वारा बार-बार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इन लोगों में गणेश पिता किसन, शिक्षक बोर्रपेंड, मुरली, जगदीश, मनोहर, अरुण पिता गणेश, धनराज पिता दिना, सुदामा, अशोक, सुभाष, रमेश, हेमराज पिता भुरू धस्सू, और रमेश निवासी पुसली शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने शासन से अपील की है कि राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत की जांच की जाए और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए, ताकि उनके जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।




