HIV awareness camps: टीबी मुक्त बैतूल के लिए जुटे स्वास्थ्य योद्धा

टीबी, शुगर और एचआईवी जागरूकता शिविर का हो रहा आयोजन

आनंद मालवीय बोले- दो हफ्ते से खांसी है तो जरूर कराएं बलगम जांच

टीबी को नजरअंदाज करना जिंदगी में मुसीबत को बुलाने जैसा- निर्देश मदरेले

स्वास्थ्य शिविर में जुटी भाग्यश्री तालमपुरिया और टीम, टीबी मुक्त बैतूल का लिया संकल्प

बैतूल। टीबी मुक्त बैतूल अभियान के तहत लक्ष्यगत हस्तक्षेप परियोजना बैतूल द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में टीबी, शुगर और एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों पर जागरूकता फैलाई गई। जिला क्षय अधिकारी डॉ. आनंद मालवीय के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में लोगों को टीबी और अन्य बीमारियों से बचाव और इलाज के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

डॉ. आनंद मालवीय ने कहा कि यदि किसी को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी आ रही हो, तो उसे तुरंत अपनी बलगम की जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार टीबी मरीजों को पोषण आहार के लिए 500 रु प्रतिमाह भी प्रदान कर रही है। उन्होंने 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लेने की अपील की।

इस मौके पर निर्देश मदरेले ने कहा जीवन एक गीत है, इसे गाओ। जीवन एक खेल है। जीवन एक चुनौती है, इसका सामना करो। जीवन एक सपना है, इसे साकार करो। जीवन एक बलिदान है, इसे अर्पित करो। जीवन प्रेम है, इसका आनंद लो। उन्होंने कहा कि टीबी को नजरअंदाज करना जीवन में मुसीबत को बुलाने जैसा है, इसलिए इसे हल्के में न लें और समय पर इलाज कराएं।

कार्यक्रम में ओआरडब्ल्यू भाग्यश्री तालमपुरिया ने कहा कि टीबी मुक्त बैतूल बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान में हर नागरिक को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। इस स्वास्थ्य शिविर में मुख्य रूप से एम एंड ई वैभव मालवीय, काउंसलर वर्षा खातरकर, ओआरडब्ल्यू भाग्यश्री तालमपुरिया, छाया प्रजापति, भाग्यश्री नामदेव, अभिषेक सोनी, कीर्ति नामदेव, नमिता बरेठिया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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