Betul news: आयुष्मान भारत-उमंग स्कूल हेल्थ कार्यक्रम के तहत छात्राओं को मिला स्वास्थ्य प्रशिक्षण

एनीमिया से निपटने की पहल, छात्राओं को आयरन की गोलियों का वितरण


बैतूल। जिले में समग्र शिक्षा अभियान, माध्यमिक शिक्षा, और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भोपाल म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में आयुष्मान भारत-उमंग स्कूल हेल्थ एवं वैलनेस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत हर मंगलवार को ई.एफ.ए. शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैतूल गंज में छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और आयरन की गोलियों का वितरण किया जा रहा है। प्रभारी शिक्षक महेश गुंजेले ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को एनीमिया के प्रति जागरूक करना और उन्हें इसके बचाव के उपायों से अवगत कराना है।
विशेषज्ञों ने दी जानकारी, आयरन की गोलियों का वितरण
इस कार्यक्रम में छात्राओं को विशेषज्ञों द्वारा एनीमिया के बारे में जानकारी दी जा रही है। बताया गया कि एनीमिया क्यों होता है और इसके क्या दुष्परिणाम होते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, न्यूट्रीशियन इंटरनेशनल भोपाल, और बैतूल जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से यह कार्यक्रम विद्यालय में संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रत्येक कक्षा से दो-दो छात्राओं को हेल्थ एवं वैलनेस मेसेंजर के रूप में चयनित किया गया है, जो अपनी कक्षाओं में अन्य छात्राओं को इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देंगी।
38 छात्राओं को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
शुक्रवार, 18 अक्टूबर को न्यूट्रीशियन इंटरनेशनल भोपाल के सलाहकार आशीष डेनियल और संभाग समन्वयक देव कुमार दुबे द्वारा 38 छात्राओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर आशीष डेनियल ने बताया कि बैतूल और शाहपुर विकासखंडों के 10 स्कूलों में यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हमारे आहार में विटामिन बी-12 की कमी और फोलिक एसिड की अनुपलब्धता के कारण एनीमिया की समस्या उत्पन्न होती है। फोलिक एसिड की कमी के कारण खून में हेमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे एनीमिया होता है।
एनीमिया के लक्षण और उपचार पर हुई चर्चा
संभाग समन्वयक देव कुमार दुबे ने बताया कि एनीमिया से निपटने में छह से नौ महीने का समय लगता है। छात्राओं को एनीमिया के लक्षण जैसे थकान, कमजोरी, पीलापन, चक्कर आना, बेहोशी आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने बताया कि आयरन की नीली गोली कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को और कक्षा पहली एवं दूसरी के छात्र-छात्राओं को गुलाबी गोली प्रति मंगलवार खाने की सलाह दी गई है। प्रभारी शिक्षक महेश गुंजेले ने बताया कि कार्यक्रम के तहत छात्राओं का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य ललितलाल लिल्होरे सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे।

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