Child Marriage Free : ग्राम सभा ने बाल विवाह मुक्त गांव बनाने का लिया संकल्प
प्रदीपन संस्था ने ग्रामीणों को बाल विवाह कानून संबंधित दी जानकारी

Betul News : बैतूल। प्रदीपन संस्था बोरगांव द्वारा बाल विवाह रोको कार्यक्रम का आयोजन कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। जिले के ग्राम डोलीढ़ाना, मर्दवानी, पचामा, बोथिया, टिमरनी, आमला, बोदी जूनावानी, महुपानी, गोनीघाट, साकादेही दूधावानी, खरा, गोंडी जुआरी, खाकरा, कोयलारी फुलगुहान में प्रदीपन संस्था ने बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणाम विस्तार से समझाए। गांव व समाज को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए पंचायत सरपंच और प्रतिनिधि कर्मचारियों ने संकल्प लिया।

ग्रामीणों ने संस्था के कार्यकर्ता से सवाल पूछे कि अधिनियम में निर्धारित विवाह उम्र से पहले, कम उम्र के लड़का-लड़की में दोस्ती हो जाती है, लड़का- लड़की को अपने घर ले आता है। ऐसी स्थिति में समाज लड़का-लड़की की शादी कर देना उचित मानता है। ऐसे में क्या किया जाए? संस्था के लोगों ने समझाइश दी, कि यह कानून के खिलाफ निर्णय है। ऐसे मामले में आप चाइल्ड हेल्पलाइन या महिला बाल विकास विभाग को इसकी जानकारी दें, जिला बाल कल्याण समिति के संज्ञान में लाए संस्था प्रमुख ऐसे मामले में सहयोग करेंगे।
150 ग्राम सभाओं में चलाया जागरूकता अभियान
उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के ग्रामीण एवं पंचायत विभाग के आदेश पर ग्राम सभाओं के आयोजन कर रहे है। ग्राम सभा के विभिन्न अजेन्डा में एक महत्वपूर्ण अजेन्डा बाल हितैषी पंचायत बनाना है। कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के सहयोग से संचालित बाल अधिकार सुरक्षा ऐक्सेस टू जस्टिस परियोजना का संचालन बैतूल जिले के 150 ग्राम सभाओं में बाल विवाह मुक्त तथा बाल श्रम से मुक्त गांव समाज और भारत बनाने के उदेश्य से प्रदीपन संस्था बोरगांव गांव की ग्रामसभा में जाकर जनसमुदाय को जागरूक करने का कार्य कर रही है।
बाल अधिकारों की सुरक्षा का लिया संकल्प
संस्था के कार्यकर्ता पूनम खातरकर, विशाल आर्य योगेश भट्टकरे, करुणेश, संतोष हनोते, दिलीप उइके, रविशंकर चवारे, अलका नागले, चारू वर्मा, मोहन सिंह, परियोजना कोऑर्डिनेटर सुनील कुमार तथा परामर्शदाता दीपमाला खातरकर ने ग्राम सभाओं में पहुंचकर बाल विवाह, बाल श्रम एवं बाल शोषण के दुष्परिणामों पर ग्राम सभाओं को जानकारी दी तथा बाल सुरक्षा और विकास के लिए ग्राम सभा से बाल विकास मुक्त और बालश्रम मुक्त ग्राम सभा को बनाने के लिए अपील की।
ग्राम सभाओं ने इन तीनों मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा कर अपनी ग्राम सभाओं को बाल विवाह मुक्त और बालश्रम से मुक्त गांव और पंचायत बनाने के प्रस्ताव लिए तथा सभी ग्राम सभाएं बाल विवाह के खिलाफ संकल्प ले रहे हैं कि अपने गांव व पंचायत में बाल विवाह नही होने देंगे। ग्राम सभाएं संकल्प ले रही है कि अब कोई भी बच्चा 6 से 14 उम्र के है वह शिक्षा से वंचित नही होंगे। सभी बच्चे स्कूल जाने के लिए काम करेंगे और बाल अधिकारों की सुरक्षा करेंगे।




