धनोरा सहकारी समिति की बिना रिकॉर्ड जांच ।

शिकायतकर्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी।

बैतूल/आठनेर। ग्राम धनोरा सहकारी समिति में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब खुद विवादों में घिर गई है। शिकायतकर्ता ललिता मायवाड़ ने आरोप लगाया है कि जांच अधिकारी ने बिना किसी दस्तावेजी परीक्षण के केवल मौखिक आधार पर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई। आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष विशाल भालेकर ने भी जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार जांच के दौरान समिति की कैश बुक, स्टॉक रजिस्टर, खाता अभिलेख, बैंक रिकॉर्ड और बीमा रिकॉर्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों का परीक्षण नहीं किया गया। इतना ही नहीं, समिति से जुड़े किसी भी आधिकारिक रजिस्टर या रिकॉर्ड को प्रस्तुत कराए बिना ही जांच को आगे बढ़ाया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया पर संदेह गहरा गया है।

ललिता मायवाड़ ने बताया कि उन्होंने अपने सभी आरोपों का विस्तृत लिखित बयान जांच अधिकारी को सौंपा, लेकिन इसके बाद उन पर समिति प्रबंधक धर्मराज धोटे के सामने दोबारा बयान देने का दबाव बनाया गया। इस घटनाक्रम ने जांच की निष्पक्षता पर और भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला पहले से ही गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है, जिसमें फर्जी विड्रॉल के जरिए अवैध निकासी, हिस्सा राशि का गबन, ऋण माफी योजना में फर्जीवाड़ा, फसल बीमा में हेराफेरी और खाद वितरण में कालाबाजारी जैसे आरोप शामिल हैं। अब यह विवाद केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं रहकर जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी बड़ा प्रश्न बन गया है।

शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा है कि सभी वित्तीय दस्तावेजों की अनिवार्य रूप से जांच की जाए और किसी भी प्रकार के दबाव या समझौते के प्रयासों की भी पड़ताल हो। साथ ही जांच में लापरवाही बरतने वालों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।

इधर आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि पांच दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई या शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने की स्थिति बनी, तो पार्टी शिकायतकर्ता के साथ मिलकर मुख्यमंत्री का पुतला दहन करते हुए उग्र प्रदर्शन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर होगी।

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