Betul news: सेवानिवृत्त फौजी कमलेश साहू के स्वागत में निकला ऐतिहासिक जुलूस
मुलताई स्टेशन से ताप्ती धाम तक देशभक्ति की धुन पर निकाली यात्रा

बैतूल। भारतीय सेना में 20 वर्षों की सेवा के बाद रिटायर्ड फौजी कमलेश साहू का मुलताई रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया। कमलेश साहू का आगमन मंगलवार, 1 अक्टूबर को दक्षिण एक्सप्रेस से हुआ, जिसके बाद स्टेशन से लेकर ताप्ती धाम तक देशभक्ति गीतों की धुन पर एक विशाल स्वागत यात्रा निकाली गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में मुलताई और आसपास के क्षेत्रों के लोग उपस्थित रहे।
स्वागत यात्रा के दौरान डीजे पर देशभक्ति गीतों की गूंज और लोगों की भारी भीड़ ने माहौल को भावुक और गर्व से भर दिया। यात्रा ताप्ती मंदिर तक पहुंची, जहां कमलेश साहू ने मां ताप्ती धाम में पूजा-अर्चना की और देश की रक्षा में अपने कर्तव्यों को निभाने के बाद, आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद, वह अपने निवास स्थान पहुंचे, जहां उनके सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कमलेश साहू के सम्मान में मुलताई के जलाराम मंदिर के सामने स्थित कामथ में भूतपूर्व सैनिक संघ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, साहू समाज संगठन, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, बजरंग अखाड़ा, श्री शीतला माता मंदिर समिति, श्री शीतला रामायण मण्डल, कर्मा जन्मोत्सव समिति, अनुसया सेवा संगठन, नगर व्यापारी संघ, शिक्षक संघ, वरिष्ठ नागरिक गण, महिला समिति आदि संगठनों ने मिलकर भव्य अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में कमलेश साहू को फूल-मालाओं से स्वागत किया गया, उनकी सैन्य सेवा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें विभिन्न संगठनों की ओर से सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय ने भी कमलेश साहू की वीरता और समर्पण को सराहा और उनका हृदय से अभिनंदन किया। कमलेश साहू के स्वागत में मुलताई के साहू समाज ने विशेष भूमिका निभाई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिन्दू परिषद ने भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और उन्हें शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
देश की सेवा के बाद घर लौटे सपूत
कमलेश साहू ने अपने सैन्य जीवन में देश की रक्षा के लिए विभिन्न मोर्चों पर अपनी सेवाएं दीं और अब 20 वर्षों की सेवा के बाद वे सेवानिवृत्त होकर अपने गृह नगर लौटे हैं। उनके स्वागत में पूरे मुलताई ने एकजुट होकर गर्व और सम्मान प्रकट किया। उनके सम्मान समारोह में नगर व्यापारी संघ, शिक्षक संघ और वरिष्ठ नागरिकों ने भी अपने-अपने तरीके से उन्हें सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।





