क्रियाशील मॉडलों से छात्राओं ने समझा सूर्य-चंद्र ग्रहण

राष्ट्रीय गणित दिवस पर कन्या विद्यालय में विज्ञान और खगोल का जीवंत संगम

बैतूल। राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल के सहयोग से 20 जनवरी को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैतूल गंज, बैतूल में एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ छात्राओं में वैज्ञानिक सोच और तार्किक क्षमता का विकास करना रहा।

विद्यालय के विज्ञान शिक्षक महेश गुंजेले ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना तथा उनके अनुप्रयोगों के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देना है। उन्होंने बताया कि मैपकास्ट भोपाल द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्रचार-प्रसार, जीआईएस और रिमोट सेंसिंग, जलवायु परिवर्तन समाधान, तकनीकी सहायता और नवाचार जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

– क्रियाशील मॉडलों से खगोलीय घटनाओं की आसान समझ

मैपकास्ट भोपाल के स्रोत समन्वयक दीपक सोनी एवं मध्यप्रदेश विज्ञान सभा भोपाल के आशीष पारे ने छात्राओं को क्रियाशील मॉडलों के माध्यम से सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, दिन-रात जैसी खगोलीय घटनाओं को सरल और रोचक ढंग से समझाया, जिससे जटिल अवधारणाएं सहज रूप से स्पष्ट हो सकीं।

– प्राचार्य ने बताया क्रियाशील मॉडलों का शैक्षणिक महत्व

विद्यालय के प्राचार्य ललित लाल लिल्होरे ने कहा कि विज्ञान के क्रियाशील मॉडल जटिल अवधारणाओं को सरल बनाते हैं और अमूर्त विषयों को दृश्य रूप में प्रस्तुत करते हैं। इससे छात्राओं में समस्या-समाधान, आलोचनात्मक सोच और जिज्ञासा विकसित होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और वास्तविक प्रयोगों से जुड़ी सुरक्षा व लागत संबंधी समस्याओं का समाधान भी होता है।

– वैज्ञानिक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कार्यक्रम समन्वयक शिक्षक चारू शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल द्वारा आयोजित यह विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम वैज्ञानिक सोच और तार्किक क्षमता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें गणितीय और खगोलीय अवधारणाओं को अत्यंत सरल एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया।

– अंधविश्वास के पीछे छिपे विज्ञान को किया उजागर

मैपकास्ट भोपाल के विषय विशेषज्ञों ने समाज में फैले अंधविश्वास को दूर करने पर जोर देते हुए बताया कि जादू के रूप में दिखने वाली घटनाओं के पीछे रसायन विज्ञान, भौतिकी और हाथ की सफाई जैसे वैज्ञानिक सिद्धांत कार्य करते हैं। उन्होंने समझाया कि हर घटना के पीछे कारण होता है, जिसे समझकर भ्रम से बचा जा सकता है।

– प्रश्नमंच और पोस्टर प्रदर्शनी ने बढ़ाई सहभागिता

कार्यक्रम के दौरान प्रश्नमंच एवं पोस्टर प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका शारदा सोलंकी, रजनी राय, रेखा बारपेठे, टीना साहू, रीना श्रीवास्तव तथा शिक्षक कृष्ण गोपाल बारमासे, गुणवंत देशमुख, सुरेश पानकर, अशोक कडवे सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।

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