श्री विनायकम् स्कूल में करियर काउंसलिंग से विद्यार्थियों को मिली सपनों की नई उड़ान
करियर विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकों से बढ़ाया विद्यार्थियों का आत्मविश्वास

बैतूल। शिक्षा के क्षेत्र में 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी कर रहे श्री विनायकम् स्कूल में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए विद्यालय के विशेष प्रकल्प – उड़ान…सपनों की- के तहत भव्य करियर मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता देश के प्रतिष्ठित करियर काउंसलर, एनएलपी ट्रेनर एवं लेखक डॉ. चेतन रायकवार ने सफलता को अंकों तक सीमित न मानते हुए स्वयं की पहचान, सही दिशा, स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर सीखने और आत्मविश्वास को सफलता का आधार बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी तथा अभिभावकों को बच्चों की रुचि, क्षमता और प्रतिभा के अनुरूप सहयोग देने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि यह वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तकनीकों पर आधारित इंटरैक्टिव कार्यशाला थी। इसमें एनएलपी, माइंड मैपिंग, लक्ष्य निर्धारण, निर्णय निर्माण, ब्रेन एक्टिवेशन, कम्युनिकेशन स्किल्स, सेल्फ-अवेयरनेस, पर्सनैलिटी एनालिसिस और समस्या समाधान जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी क्षमताओं, रुचियों और व्यक्तित्व को समझने का अवसर मिला। विभिन्न गतिविधियों और अभ्यासों के जरिए उन्हें सकारात्मक सोच, सही निर्णय क्षमता और भविष्य को लेकर स्पष्टता विकसित करने में मदद मिली।
डॉ. रायकवार ने इंजीनियरिंग, मेडिकल, कॉमर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंसी, मैनेजमेंट, लॉ, डिफेंस, सिविल सर्विसेज, रिसर्च, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल मार्केटिंग, डिजाइनिंग, एग्रीकल्चर, पैरामेडिकल, फार्मेसी, मीडिया, शिक्षा और उद्यमिता सहित अनेक उभरते करियर विकल्पों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को अपनी रुचि, क्षमता और कौशल के अनुरूप करियर चुनने की सलाह दी। साथ ही बोर्ड परीक्षा की तैयारी, समय प्रबंधन, तनावमुक्त अध्ययन, एकाग्रता, परीक्षा रणनीति, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी तथा 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों पर भी व्यवहारिक मार्गदर्शन दिया।
– बच्चों को सकारात्मक वातावरण देना आवश्यक
अभिभावकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चा अलग होता है और उस पर केवल अंकों का दबाव बनाने के बजाय उसकी प्रतिभा को समझते हुए सकारात्मक वातावरण देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय, अभिभावक और विद्यार्थी जब एक टीम के रूप में कार्य करते हैं तभी वास्तविक सफलता मिलती है। संवादात्मक सत्र ने अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच विश्वास और संवाद को भी मजबूत किया।
– गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ही विद्यार्थियों का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास
विद्यालय के डायरेक्टर संजय राठौर ने कहा कि श्री विनायकम् स्कूल का गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ही विद्यार्थियों का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास करना है। विद्यालय भविष्य में भी ऐसे विद्यार्थी-केंद्रित कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य श्याम साहू ने आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंध कार्यकारिणी ने मुख्य वक्ता डॉ. चेतन रायकवार एवं गुरप्रीत सिंह का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया तथा सभी अभिभावकों और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। आयोजन को विद्यार्थियों और अभिभावकों ने ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और जीवनोपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की।




