Strike : कोटवार संघ ने दी हड़ताल की चेतावनी

मांगे नहीं मानी तो 10 मार्च से हड़ताल पर रहेंगे प्रदेश के कोटवार


बैतूल। म.प्र. के कोटवारों को शासकीय कर्मचारी घोषित करने सहित अन्य मांगों को लेकर मध्य प्रदेश कोटवार संघ ने प्रदेश सरकार को 10 मार्च के पूर्व सभी मांगे पूर्ण करने का अल्टीमेटम दे दिया है। संघ ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 10 मार्च के पूर्व उनकी मांगे नहीं मानी जाती है तो पूरे प्रदेश के कोटवार हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान प्रभावित होने वाले शासकीय कार्यों की जिम्मेदारी भी शासन प्रशासन की होगी। कोटवार संघ के सचिव लोकेश पाटिल ने बताया कि कोटवार संघ लंबे समय से अपनी मांगों के लिए प्रदेश सरकार के समक्ष आग्रह कर चुका है, लेकिन सरकार द्वारा कोटवारों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इससे आक्रोशित कोटवारों ने अब प्रदेश स्तरीय धरना आंदोलन की चेतावनी दी है।

विषाक्त मध्यान्ह भोजन:बच्चों की हालत में सुधार, विधायक की मांग मीनू से कढ़ी हटाएंयह पढ़े

कोटवार संघ का कहना है कि प्रदेश में अन्य विभागों के कर्मचारियों के वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं बढ़ा दी गई है। जिसके कारण पूरे प्रदेश के कोटवारों में निराशा है। कोटवार संघ ने निर्णय लिया है कि 10 मार्च से 17 मार्च तक प्रदेश के सभी कोटवार जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन एवं हड़ताल करेंगे। 20 मार्च को सभी जिले से कोटवार भोपाल पहुंचकर धरना प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन हडताल करने को बाध्य होंगे जिसकी सम्पूर्ण जवाबदार शासन प्रशासन की होंगी।

यह है प्रमुख मांग

कोटवारों की प्रमुख मांगों में मुख्यमंत्री द्वारा कोटवार पंचायत 2007 में की गई घोषणा मालगुजारों द्वारा दी गई भूमि का मालिकाना हक, नगरीय क्षेत्रों मे कोटवारों के पद को यथावत रखा जाये एवं एक ग्राम मे एक से अधिक पद समाप्त नहीं किया जाये। शासन द्वारा जिन कोटवारों की उम्र 62 वर्ष हो चुकी है यदि शासन उसके पद को समाप्त करती है तो उनकी जगह उनके परिवार मे से एक किसी को कोटवार पद पर नियुक्त किया जाये।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button