बैतूल की 25 वैध कॉलोनियों पर सख्त नियम लागू, बिना अनुमति निर्माण पर होगी कार्रवाई
कॉलोनी समितियां बनाना अनिवार्य, मेंटेनेंस और विवाद की जिम्मेदारी तय

बैतूल। मध्यप्रदेश शासन द्वारा नगरपालिका को प्रदत्त अधिकार के तहत मुख्य नगरपालिका अधिकारी नवनीत पांडेय ने मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 और म.प्र. नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 के अंतर्गत शहर की 25 वैध कॉलोनियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये सभी कॉलोनियां नगरपालिका को हस्तांतरित हैं और इनके संचालन, रखरखाव तथा विवाद नियंत्रण के लिए अब स्पष्ट जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
जारी आदेश के अनुसार हर कॉलोनी में 11 सदस्यों की एक रजिस्टर्ड समिति का गठन अनिवार्य होगा, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव और सात सदस्य शामिल रहेंगे। समिति का गठन होने के बाद इसकी सूचना नगर पालिका को देना जरूरी होगा। कॉलोनी में स्वच्छता, सड़कों, पार्क, मंदिर, गार्डन, सामुदायिक भवन और क्लब हाउस जैसी साझा संपत्तियों का रखरखाव सुनिश्चित करना अध्यक्ष और सचिव की जिम्मेदारी होगी।
नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि उसके अधिपत्य में आने वाले किसी भी निर्माण, अर्धनिर्माण या संरचना में बिना अनुमति बदलाव करने पर इसे अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित समिति के अध्यक्ष व सचिव पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह सड़कों, पार्कों और अन्य भूमि पर बिना अनुमति निर्माण या अतिक्रमण होने पर इसकी सूचना समिति को तत्काल निकाय को देनी होगी, अन्यथा जिम्मेदारी तय कर वैधानिक कार्रवाई होगी।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि कॉलोनी में किसी भी प्रकार के विवाद या शांति भंग की स्थिति बनने पर नगर पालिका पुलिस विभाग में शिकायत कर सकेगी, जबकि प्रारंभिक स्तर पर स्थिति संभालने की जिम्मेदारी समिति अध्यक्ष और सचिव की होगी। जल निकासी, कचरा, नालियों, सड़क और प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी लापरवाही या नुकसान की स्थिति में संबंधित व्यक्ति और समिति से क्षति राशि वसूली जाएगी।
– ओपन लैंड और ओपन स्पेस को रहेगी नपा की संपत्ति
नगर पालिका ने कॉलोनियों में छोड़ी गई ओपन लैंड और ओपन स्पेस को अपनी संपत्ति बताया है, जिस पर भविष्य की जनहित परियोजनाएं बनाई जा सकती हैं। इन स्थानों पर बिना अनुमति ब्रेकर, धार्मिक स्थल, शेड, जालियां या अन्य निर्माण करना प्रतिबंधित रहेगा। इसी तरह स्वीकृत नक्शे के अनुसार गार्डन के लिए निर्धारित स्थान पर केवल योग, ध्यान, टहलना और बच्चों के शांतिपूर्ण खेल ही किए जा सकेंगे, जबकि क्रिकेट, फुटबॉल जैसे खेलों पर रोक रहेगी, क्योंकि इससे विवाद और दुर्घटनाएं बढ़ती हैं।
मेंटेनेंस शुल्क को लेकर भी नगर पालिका ने सख्ती दिखाई है। कॉलोनी समितियों को हर तीन महीने में वसूली गई राशि का ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट और पूरा विवरण नगर पालिका के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। मनमाने तरीके से शुल्क वसूली पर शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि ये सभी नियम विकास, न्यूसेन्स की रोकथाम और भविष्य की नगर योजना को ध्यान में रखते हुए जनहित में लागू किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित समिति अध्यक्ष और सचिव जिम्मेदार होंगे और सभी वाद-विवाद का क्षेत्राधिकार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर रहेगा।
– इन सभी कॉलोनियों के लिए अब निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य
नगर पालिका द्वारा जारी सूची के अनुसार गंगोत्री कॉलोनी, उदय परिसर, सिद्धि विनायक, देवश्री विहार, साईं आशियाना, शारदा नगर, अष्ट विनायक, बालाजी विहार, रायल रेसिडेंसी, ओम रेसिडेंसी, ग्रीन वैली, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, उदय परिसर फेज-2, वैष्णवी धाम, गायत्री गृह निर्माण, उदय अमेरिकन होम, ग्रीन स्टेट कॉलोनी, ताप्ती रेसिडेंसी, प्रागा होम्स, जिन कुशल रेसिडेंसी सहित अन्य कॉलोनियां शामिल हैं। इनके कॉलोनाइजरों में योगेश कुमार मदान वल्द सुंदरलाल मदान, सुनील वल्द गयाप्रसाद उदयपुरे, विवेक रंजन सुरेश कुमार दुबे, योगेश कुमार वल्द सोहन लाल गोठी, सुरेश कुमार जायसवाल वल्द स्वर्गीय बलदेव प्रसाद, आर अवस्थी वल्द कैलाश, सुमित अग्रवाल बालाजी इंफ्रा, उत्कर्ष वर्मा वल्द बी डी वर्मा, शैलेन्द्र सिंह द्वारा उत्तम सिंह ठाकुर, रवि सायरे वल्द सीताराम, सुनील झोड़, राजेश गोठी, अशोक सावन्या पवार, गायत्री गृह निर्माण समिति, सुनील उदयपुरे, रमेश सायरे, रिदवान अली, रविन्द्र नाथ भार्गव, भोलानाथ भार्गव, श्रीमती लताबाई तालमपुरिया, श्रीमती लीला गोठी पति मोतीलाल, संदीप अग्रवाल, मैसर्स अशोक अग्रवाल पिता मदन लाल अग्रवाल, प्रदीप मगरकार पिता गोकुल प्रसाद मगरकार, राम भार्गव पिता त्रिलोकीनाथ भार्गव, हेमराज वल्द स्वर्गीय मिश्रीलाल जसूजा, पंकज वल्द साहबराव साबले, तथा कल्पतरु बिल्डर्स के शिवम द्विवेदी सहित अन्य शामिल हैं। इन सभी कॉलोनियों के लिए अब निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया है।




