victim of neglect:उपेक्षा का शिकार हो रहा शिव धाम सालबर्डी
13-14 वी शताब्दी की पांडव कचहरी सूचना बोर्ड हुए खंडित, ट्रस्ट नहीं दे रहा ध्यान

बैतूल। जिला मुख्यालय से 65 का किमी दूर स्थित प्रसिद्ध शिवधाम सालबर्डी देखरेख के अभाव में उपेक्षा का शिकार हो रहा है। यहां शिवरात्रि मेले में प्रतिवर्ष 4-5 लाख भक्त श्रध्दालु दर्शन के लिये पहुंचते हैं। मेले के वक्त होने वाली लाखों की दान प्राप्ति के बाद भी इस तीर्थ क्षेत्र की समस्याएं जस की तस बनी हैं। मां बगलामुखी साधक रविन्द्र मानकर ने बताया कि सालबर्डी ट्रस्ट समिति सिर्फ मेले के 4 दिन पहले यहां आती और मेला खत्म हो जाने के बाद वर्ष भर यहां कदम नही रखती हैं। शिवधाम सालबर्डी मेले में आने वाले लाखों भक्त श्रद्धालुओं के लिये यहां पर ना कोई पार्किंग व्यवस्था बनी और ना मेला स्थल पर कोई सामुदायिक भवन बना हैं। मुख्य रोड से परिक्रमा मार्ग पायरी तक भी सीमेंट कांक्रीट रोड नही बना जिसकी वजह से मेले में आने भक्तों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैं। सालबर्डी शिवधाम के निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से वेदांता निर्माण के डायरेक्टर सिविल इंजीनियर कपिल डांगे, व्यवसायी गोलू उघडे, युवा अधिवक्ता रोशन मगरदे, सचिव राजू वराठे, सरपंच आदि उपस्थित रहे।
— प्राचीन धरोहर 13-14 वी शताब्दी के पांडव कचहरी सूचना बोर्ड खंडित–
सालबर्डी शिवधाम पंचायत क्षेत्र में स्थित 13-14 वी शताब्दी के पांडव कचहरी पर पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय मध्यप्रदेश शासन का संरक्षक स्मारक के 2 सूचना बोर्ड खंडित अवस्था में पाए गए। वेदांता निर्माण के डायरेक्टर सिविल इंजीनियर कपिल डांगे द्वारा सालबर्डी ग्राम पंचायत सचिव सरपंच से इस पांडव कचहरी के खंडित सूचना बोर्ड के बारे जानकारी मांगी गई, वहीं इस स्थान को पर्यटन में तैयार करने के लिए विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया। मां बगलामुखी साधक रविन्द्र मानकर द्वारा सचिव और सरपंच को मासोद थाने में लिखित जानकारी देने और पुरातत्व विभाग के सूचना बोर्ड को खंडित करने वालो के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की।
— पार्किंग बाउण्ड्रीबाल के लिए किया निरीक्षण–
बैतूल के वेदांता निर्माण के डायरेक्टर सिविल इंजीनियर कपिल डांगे के साथ सालबर्डी ग्राम पंचायत सचिव राजू वराठे, सरपंच व्यवसायी गोलू उघडे और रविन्द्र मानकर द्वारा शिवधाम सालबर्डी परिक्रमा मार्ग में विशेष जगह की खोज की, जहां पार्किंग बाउण्ड्रीवाल बनाया जा सकता हैं।




