शंकराचार्य जी सनातन धर्म के आधार स्तंभ और धर्म रक्षक हैं: युवराज मालवीय श्री गौड़
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का 57वां प्राकट्य महामहोत्सव मनाया

बैतूल। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद महाराज का 57वां प्राकट्य महामहोत्सव विगत 14 अगस्त को बैतूल के कालापाठा स्थित काली चट्टान दुर्गा माता मंदिर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। श्रावण शुक्ल द्वितीया के अवसर पर नागरिकों और गौ भक्तों ने शंकराचार्य जी के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सनातन धर्म मंच के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष एवं गौ सांसद युवराज मालवीय श्री गौड़ ने मां दुर्गा का पूजन-अर्चन कर भोग एवं आरती की। इसके बाद शंकराचार्य जी के चित्र पर पुष्पमाला, चंदन, कुमकुम, हल्दी, अक्षत एवं पुष्प अर्पित कर विधि-विधान से पूजन किया गया। गौ भक्तों ने चरण पादुका का पूजन कर फल, मिठाई, केले और खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया।
युवराज मालवीय श्री गौड़ ने कहा कि शंकराचार्य जी सनातन धर्म के आधार स्तंभ और धर्म रक्षक हैं। उन्होंने मंदिरों, गंगा, सनातन धर्म और गौ माता की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाई है। उन्होंने गौ हत्या रोकने और गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए चल रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर के पक्ष में निर्णय, रामसेतु की रक्षा, गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित कराने, काशी में मंदिरों को टूटने से बचाने तथा गौ रक्षा के लिए शंकराचार्य जी के प्रयास महत्वपूर्ण रहे हैं। बैतूल में आयोजन को सफल बनाने में युवराज मालवीय श्री गौड़ राष्ट्रीय सनातन धर्म मंच राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में गौ विधायक डॉ. राकेश मालवीय, दीपक वर्मा, संतोष कुबड़े, रामप्रसाद मानकर, राजू महाराज, राहुल अहीरे, डॉ. पवन मालवीय, श्रीमती तिवारी, विशाल, अजय उबनारे, देवेंद्र सहारिया, पीयूष कनाठे, नरेंद्र दीक्षित, अनिल पवार, सचिन ठाकुर, संजय तिवारी, राजेश प्रसाद शर्मा, रामचरित मिश्रा सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे।




