राइडर्स प्लेनेट बैतूल ने 5200 किमी की अंतरराष्ट्रीय बाइक राइड पूरी की।
तीन राइडर्स ने नॉर्थ ईस्ट से भूटान तक तय किया साहसिक सफर। गुवाहाटी, शिलांग, चेरापूंजी से काजीरंगा तक पहुंचा काफिला।

बैतूल। राइडर्स प्लेनेट बैतूल मोटर साइक्लिंग क्लब ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राइड कर इतिहास रच दिया है। क्लब के राइडर्स ने तीन चरणों में 5200 किलोमीटर से अधिक की महायात्रा पूरी कर मध्यप्रदेश की बाइकिंग कम्युनिटी में नई पहचान बनाई है।
इस ऐतिहासिक राइड में बैतूल जिले के तीन राइडर रानू हजारे, उज्जवल धोटे और नीरज श्रीवास्तव ने साहसिक सफर तय किया। प्रथम चरण के बाद राइडर्स नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में पहुंचे, जहां असम के गुवाहाटी में मां कामाख्या शक्तिपीठ के दर्शन किए। इसके बाद मेघालय के शिलांग, चेरापूंजी, लेटलूम और सेवन सिस्टर वॉटरफॉल का भ्रमण किया। त्रिपुरा के अगरतला होते हुए काजीरंगा नेशनल पार्क तक राइड कर दूसरे चरण को सफलतापूर्वक पूरा किया।
तीसरे चरण में राइडर्स भारत के मित्र देश भूटान के समद्रुप पहुंचे, जहां उन्होंने प्राचीन बौद्ध मठ, प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक जीवनशैली, सेमजोंग गांव और स्थानीय व्यंजनों का अनुभव लिया। इसके बाद समद्रुप से गुवाहाटी लौटते हुए बैतूल के लिए रवाना होकर 5200 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
क्लब के प्रेसिडेंट प्रशांत बिट्टू बोथरा सहित विशाल भद्रे, विवेक मालवीया, रजनीश जैन, अंगद तुली, अंकित सिंह (मुंबई), योगी खंडेलवाल, रौनक गोठी, संकेत मालवीय, मोनू (विनय) वर्मा, सतीश बिंझाड़े, संतोष ओंकार, लकी साहू, दुष्यंत पांडे, राजीव (मोनू) वर्मा, आदित्य डोंगरे, मन पांडे, श्रेयांश सोनी, विवेक अग्निहोत्री, एडवोकेट संतोष हजारे, आरेंद्र वर्मा, संतोष ठाकुर सहित सभी सदस्यों ने राइड के दूसरे चरण की सफलता पर शुभकामनाएं दीं।

राइडर्स प्लेनेट बैतूल जिले का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय मोटरसाइकिल क्लब है, जो ईको टूरिज्म और ट्रैफिक अवेयरनेस का संदेश देते हुए राइड करता है। लगातार दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय राइड कर क्लब ने प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना ली है।
विदित हो कि क्लब की स्थापना 18 मई 2024 को हुई थी और अब इसके दो वर्ष पूरे होने को हैं। इस छोटे से समय में राइडर्स ने दो अंतरराष्ट्रीय राइड सफलतापूर्वक पूरी कर इतिहास रच दिया है।




