माता रमाई का त्याग समस्त महिलाओं के लिए प्रेरणादायक : नामदेव नागले
माता रमाई भीमराव अम्बेडकर के स्मृति दिवस पर सम्यक बुद्ध विहार बडोरा में कार्यक्रम आयोजित

बैतूल। माता रमाबाई अंबेडकर के स्मृति दिवस के अवसर पर सम्यक बुद्ध विहार बडोरा बैतूल में स्मृति दिवस कार्यक्रम पूज्य भंते जी दीपांकर के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि भारतीय बौद्ध महासभा राष्ट्रीय संरक्षक महाउपासिका मीरा ताई अंबेडकर के जिलाध्यक्ष अधिवक्ता नामदेव नागले उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि माता रमाई अंबेडकर का त्याग समस्त महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है। जिस प्रकार माता रमाई ने बाबा साहब अम्बेडकर को जीवन के हर मोड़ पर सहयोग प्रदान किया और पारिवारिक जिम्मेदारियों से मुक्त रखा जिसके कारण ही बाबा साहब अम्बेडकर को समाजिक व आर्थिक संघर्ष करने के लिए संबल मिला। माता रमाई के कारण ही बाबा साहब महान् विद्वान बनकर संविधान निर्माता बने हैं।उन्होंने कहा कि माता रमाई को समस्त महिलाएं अपना आदर्श मानकर पुरुष वर्ग के साथ बहुजन महापुरुषों के कांरवा को आगे बढ़ाने में मदद करें।
इस अवसर पर विशेष अतिथि अतिथि आयु काशीनाथ वाघमारे ने अपने संबोधन में माता रमाबाई की सोच एवं जीवन संघर्षों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेष अतिथि के रूप में भारतीय बौद्ध महासभा के जिला कोषाध्यक्ष आयु तुलाराम चौकीकर,जिला सचिव श्रामनेर आयु प्रेमलाल अंबुलकर, जिला संघटक श्रामनेर आयु किसोर कुमार पाटिल,तहसील अध्यक्ष आयु मनोहर खातरकर, आयु राजु आठनेरे, आयु सीताराम पाटिल,आयु नरेंद्र नाथ पाटिल, आयु एम पी मासतकर, आयु ओमप्रकाश खातरकर, आयु मनोज अतुलकर, आयु श्याम किशोर पाटिल, आयु जी आर पटेल, रमाबाई उत्थान समिति बडोरा आयु कलसिया बाई पंडाग्रे, आयु जसवंती चौकीकर, आयु मीना पाटिल, आयु पुष्पा पटेल, आयु भागरती डोंगरे, जिला सचिव आयु प्रमिला पाटिल,आयु संगीता मासतकर आयु संगीता खातरकर, आयु नीशा पाटिल ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन आयु तुलाराम चौकीकर ने किया।






