Short pause workshop concluded in Prabhattan’s auditorium: प्रभातपट्टन में 67 प्रतिभागियों ने सीखा आनंद का मार्ग
अल्प विराम शांत होकर आत्मा की आवाज को सुनना है-महेश गुंजेले

बैतूल। विकासखंड प्रभातपट्टन के जनपद पंचायत सभागृह में एक दिवसीय अल्प विराम परिचय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षत जैन के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। कार्यशाला का आरंभ दीप प्रज्वलन और सर्वधर्म प्रार्थना से हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के 67 कर्मचारियों ने भाग लिया।
जिला संपर्क व्यक्ति महेश गुंजेले ने आनंद विभाग की गतिविधियों का परिचय वीडियो के माध्यम से दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को संदेश दिया कि अल्प विराम का उद्देश्य आत्मा की आवाज को सुनना है। मास्टर ट्रेनर रेखा कापसे ने जीवन का लेखा-जोखा सत्र में बचपन से अब तक के अनुभवों पर चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों को यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि उनके जीवन में किसने मदद की, किसे उन्होंने निःस्वार्थ मदद दी, और किससे दुख पाया या दिया।
हरिहर खन्ना ने फ्रीडम ग्लास सत्र में लोभ, क्रोध, लालच, और ईर्ष्या जैसे भावों पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों से अपने अनुभव साझा किए। महेश गुंजेले ने “हमारे रिश्ते” सत्र में रिश्तों की गहराई को समझाने और आत्मानुभूति करवाने पर जोर दिया। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने फीडबैक में कहा कि यह कार्यशाला आत्मनिरीक्षण और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक रही। उन्होंने कहा कि आनंद संस्थान की यह पहल आत्ममंथन और दूसरों की मदद करने की भावना को बढ़ावा देती है।कार्यशाला को सफल बनाने में जनपद पंचायत प्रभातपट्टन के अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। प्रतिभागियों ने इसे जीवन को समझने और आत्मा से जुड़ने का अनूठा अनुभव बताया।





