पट्टे के नाम पर बेचे जा रहे थे प्लॉट, तहसीलदार की सख्त कार्रवाई से मचा हड़कंप|

आमला तहसील क्षेत्र में शासकीय पहाड़ी चट्टान की जमीन पर अवैध प्लाटिंग का बड़ा मामला उजागर...

बैतूल। आमला तहसील क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध प्लाटिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां ग्राम हरण्या की शासकीय पहाड़ी चट्टान मद की जमीन पर अवैध तरीके से प्लॉट काटकर पट्टे के नाम पर लोगों को बेचे जा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार रिचा कौरव ने एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया के मौखिक निर्देश के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार मौजा हरण्या, तहसील आमला, जिला बैतूल की शासकीय भूमि खसरा नंबर 47 में अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही थी। यह भूमि शासकीय पहाड़ी चट्टान मद की बताई जा रही है, जो मुख्य मार्ग बैतूल–बोरदेही रोड से लगी हुई है। इसी मार्ग से लगी निजी भूमि की बाजार में कीमत लगभग 5000 रुपये प्रति स्क्वायर फीट बताई जा रही है, जिससे इस शासकीय भूमि पर भी अवैध प्लाटिंग का दबाव बढ़ गया था।

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न्यायालय नायब तहसीलदार बोरदेही, तहसील आमला द्वारा जारी राजस्व आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि हल्का पटवारी की रिपोर्ट और राजस्व निरीक्षक की जांच के आधार पर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण पाया गया है। आदेश में यह भी लिखा गया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा मकान निर्माण के उद्देश्य से जमीन पर कब्जा किया गया था, जिसके बाद उनके खिलाफ भू-राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत कार्रवाई की गई है।

राजस्व आदेश में खसरा नंबर 47/1/1 सहित अन्य शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वाले कई लोगों के नाम भी दर्ज किए गए हैं। इन सभी को सात दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में साफ कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो राजस्व अमले द्वारा मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी और उसकी पूरी लागत भी अतिक्रमण करने वालों से वसूल की जाएगी।

मामले में नायब तहसीलदार रिचा कौरव की सक्रिय भूमिका सामने आई है। उन्होंने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए राजस्व अमले से रिपोर्ट मंगवाई और त्वरित कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले को प्रशासनिक स्तर पर जांच के दायरे में रखा गया है और कुछ लोग पट्टा दिलाने के नाम पर ग्रामीणों को गुमराह कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि पहाड़ी चट्टान मद की शासकीय भूमि पर अवैध प्लाटिंग की जानकारी मिलते ही एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया के मौखिक निर्देश के बाद नायब तहसीलदार रिचा कौरव ने तत्काल संज्ञान लिया और राजस्व अमले को मौके पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां शासकीय जमीन को बचाने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है, वहीं अवैध प्लाटिंग करने वालों में हड़कंप की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो शासकीय पहाड़ी चट्टान की पूरी जमीन प्लॉट में तब्दील हो जाती और लोगों के साथ बड़ी धोखाधड़ी हो सकती थी।

राजस्व विभाग की कार्रवाई के बाद अब ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति पट्टे के नाम पर शासकीय जमीन बेचकर किसी को गुमराह न कर सके।

एसडीएम, तहसीलदार ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध प्लाटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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