Playing With Patients’ Lives : जिला अस्पताल में सीजर के दौरान महिला के पेट में छोड़ दिया कपड़ा,परिजन ने लगाया आरोप

पेट दर्द से परेशान महिला का निजी अस्पताल में आपरेशन कर निकाला कपड़ा

Playing With Patients’ Lives :बैतूल। MP के   बैतूल जिला अस्पताल में मरीजों की जिंदगी से कैसे खिलवाड़ हो रहा है इसका प्रमाण महिला का प्रसव आपरेशन करने के दौरान कपड़ा छोड़ देने की घटना से मिल रहा है। जिला अस्पताल में 29 जून 2024 को जंबाड़ा गांव की महिला का प्रसव आपरेशन किया गया था। इसके बाद से महिला को पेट दर्द की शिकायत हो रही थी। लगातार उपचार कराने से हताश परिजन ने बैतूल के निजी अस्पताल में जब उसका परीक्षण कराया तो पाया गया कि प्रसव आपरेशन करने के दौरान कपड़ा छोड़ दिया गया था।महिला का आपरेशन कर कपड़ा बाहर निकालकर उसकी जान बचाई गई। जिला अस्पताल में प्रसव आपरेशन करने में लापरवाही का शिकार होने वाली महिला के परिवार के लोगों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

आमला विकासखंड के ग्राम जंबाड़ा में रहने वाले रमेश टेकाम ने बताया कि उसकी बेटी गायत्री को दूसरा प्रसव कराने के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। 29 जून को आपरेशन किया गया था। इसके बाद से ही बेटी को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी थी। हमने जिला अस्पताल में भी दिखाया जहां तीन दिन भर्ती कर दवा दे दी गई लेकिन कोई आराम नहीं लगा। बैतूल के एक निजी अस्पताल में भी उपचार कराया गया लेकिन बेटी की हालत में सुधार नहीं आया।

हताश परिवार के लोग सोमवार को उसे बैतूल के कोठी बाजार स्थित निजी चैतन्य अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल के संचालक डाक्टर शैलेंद्र पंद्राम ने जांच करने के बाद पाया कि उसकी आंतों में रुकावट है। इस कारण आपरेशन किया गया तो बच्चेदानी में चिपका हुआ जालीदार कपड़ा पाया गया।आपरेशन करने वाले डा पंद्राम ने बताया कि महिला जिला अस्पताल में भर्ती थी लेकिन सही जांच नहीं की गई। समय पर आपरेशन नही किया जाता तो उसकी जान को खतरा हो जाता।

महिला के पति विजय रावत ने बताया कि पत्नी गायत्री का दूसरा प्रसव जिला अस्पताल में आपरेशन से किया गया था। उसके बाद से ही उसे पेट दर्द की शिकायत थी। पिछले एक महीने से तो उसे बेहद दर्द होने लगा था। जो कुछ भी खाती थी तत्काल ही उल्टी हो जाती थी। जिला अस्पताल में भी तीन दिन भर्ती रखा गया और सिर्फ बाटल लगाकर उपचार किया। जांच कर लेते तो पेट में कपड़ा होने का पता लग जाता। इस मामले में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डा अशोक बारंगा ने मीडिया से कहा है कि इस मामले की जानकारी मिली है। जांच कराई जाएगी ताकि लापरवाही हुई है तो सामने आ सके। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में प्रसव आपरेशन के दौरान 29 नवंबर 2015 को भी महिला के पेट में कपड़ा छोड़ दिया गया था। स्वजन ने नागपुर में आपरेशन कराकर उसकी जान बचाई थी।

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