अधीक्षिका के निलंबन पर भड़के अभिभावक, बहाली नहीं हुई तो बच्चों को आश्रम से ले जाने की दी चेतावनी

पालक-शिक्षक संघ ने कलेक्टर और सहायक आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

बैतूल। जिला मुख्यालय के समीप पाढर स्थित शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम की अधीक्षिका भावना मसराम के निलंबन का विरोध तेज हो गया है। पालक-शिक्षक संघ ने कलेक्टर और सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को ज्ञापन सौंपकर अधीक्षिका को तत्काल बहाल करने की मांग की है। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि भावना मसराम की बहाली नहीं हुई तो वे अपने बच्चों को आश्रम से वापस घर ले जाएंगे।

ज्ञापन में अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि आश्रम की शिक्षिका ममता त्रिपाठी और गरिमा देशमुख ने बच्चों को गुमराह कर तथा डरा-धमकाकर अधीक्षिका के खिलाफ शिकायतें करवाई हैं। उनका दावा है कि भावना मसराम के कार्यकाल में बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें शासन के निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल रहा है। अभिभावकों का कहना है कि अधीक्षिका का मुख्यालय पाढर में ही है तथा बच्चों से शौचालय साफ कराने और गेहूं पिसवाने जैसे आरोप निराधार हैं।

अभिभावकों ने मामले की सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने और उनकी मौजूदगी में नए जांच दल से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अपने दावों के समर्थन में उन्होंने बच्चों के आवेदन की प्रतियां, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, पांच अभिभावकों के शपथ पत्र सहित 22 पृष्ठों के दस्तावेज प्रशासन को सौंपे हैं।

ज्ञापन सौंपने वालों में इंदल कुमरे, सतीश मर्सकोले, रामकुमार, पिंकी कुमरे, तारावती, अरुणा कुमरे, लीला धुर्वे, कमल कुमरे, करमसिंह इवने, रूपेश उइके, रामप्रसाद धुर्वे, रामपाल कुमरे, बलराम धुर्वे, सुक्कन कुमरे, समरसिंह कवड़े, बलवंत उइके, जगदीश वरकड़े, रामकुमार धुर्वे, राजू, छतरसिंह धुर्वे, जयवीर कुमरे सहित अन्य ग्रामीण और अभिभावक मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button