गुरु पूर्णिमा पर योग साधकों ने लिया स्वस्थ एवं संस्कारित भारत का संकल्प
गुरु वंदना के साथ हुआ वैदिक हवन

बैतूल। भारत स्वाभिमान न्यास, पतंजलि योग समिति, पतंजलि युवा भारत एवं पतंजलि किसान सेवा समिति बैतूल द्वारा गंज स्थित जिला कार्यालय में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, वैदिक मंत्रोच्चार एवं हवन-पूजन के साथ हुआ। उपस्थित योग साधकों ने यज्ञ में आहुति देकर राष्ट्र, समाज एवं विश्व के सुख, शांति और कल्याण की कामना की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि योगऋषि पूज्य स्वामी रामदेव महाराज एवं आचार्य बालकृष्ण महाराज के प्रेरक मार्गदर्शन में पतंजलि परिवार योग, आयुर्वेद, स्वदेशी और भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य निरंतर कर रहा है। उनके नेतृत्व में योग जन-जन तक पहुंचा है और स्वस्थ, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।
वक्ताओं ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान पूजनीय माना गया है। गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करते हैं। गुरु के बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची गुरु दक्षिणा है।
कार्यक्रम में सभी साधकों ने नियमित योग, प्राणायाम, आयुर्वेद एवं सात्विक जीवनशैली अपनाने तथा योग एवं भारतीय संस्कृति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर भारत स्वाभिमान न्यास के जिला प्रभारी सुनील कुबडे, जिला कोषाध्यक्ष विनोद परिहार, पतंजलि युवा भारत के जिला प्रभारी हितेश पटेल, पतंजलि किसान सेवा समिति के जिला प्रभारी नवनीत वर्मा,शशि मालवीय, शेरसिंह देवड़े ,अर्जुन सिंह चंदेल कन्हैयालाल झपाटे, मिश्रीलाल डडोरे, नर्मदा प्रसाद साहू, मुकेश ठाकुर, अभिजीत पिंजरकर, सतीश पाल, लोकेश वर्मा,दरवाई जी, बारंगे जी ,गोपाल साहू, ज्योति देशमुख रत्नमाला कुबड़े गीता दरवाई,मालती पारधे, महाले ताई माधुरी खातरकर श्रद्धा बिहारे सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष योग साधक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने गुरु वंदना कर योग, आयुर्वेद, स्वदेशी एवं भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया।




