Sunderkand recitation done at the protest site: संविदा कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल के तीसरे दिन धरना स्थल पर किया सुंदरकांड पाठ
भारतीय मजदूर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने धरना स्थल पहुंचकर हड़ताल को दिया समर्थन

बैतूल। जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा अपनी मांगों को लेकर की जा रही अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। 24 अप्रैल को धरना स्थल पर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने सुंदरकांड का पाठ कर सरकार को सद्बुद्धि देने हनुमान जी से अर्जी लगाई। कर्मचारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल के तीसरे दिन भारतीय मजदूर संघ के पूर्व प्रदेश महामंत्री एवं वर्तमान में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मधुकर साबले और भारतीय मजदूर संघ के जिलामंत्री पंजाब गायकवाड़ धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों को समर्थन दिया।
संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. गोविंद साहू ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल द्वारा संविदा नीति 2023 को पूर्ण रूप से लागू नहीं किया गया है। इसके विपरीत, कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती कर सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश की अवहेलना की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी 32 हजार एनएचएम संविदा कर्मचारी पहले चरणबद्ध आंदोलन पर थे, लेकिन सरकार की अनदेखी के चलते अब अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई है।
डॉ. साहू ने बताया कि जब तक पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा और संविदा नीति 2023 के अनुसार कर्मचारियों को लाभ नहीं मिलता, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने आगे बताया कि आंदोलन की रूपरेखा पहले से ही तय की जा चुकी है।
– कल सांसद-विधायक निवास पहुंचेंगे संविदा कर्मचारी
24 अप्रैल को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। 25 अप्रैल को जिले के सांसद और विधायकों के निवास/कार्यालय पहुंचकर मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। 26 अप्रैल को सभी संविदा कर्मचारी पंडाल में थाली बजाकर सरकार के विरोध में प्रदर्शन करेंगे।
इसके अलावा, 27 अप्रैल से प्रत्येक जिले में क्रमिक भूख हड़ताल शुरू होगी जिसमें प्रतिदिन दो कर्मचारी सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बैठे रहेंगे। 28 अप्रैल से ‘भोपाल भरो आंदोलन’ की तैयारी जिले स्तर पर की जाएगी और संघ द्वारा तय दिनांक को समस्त जिले से कर्मचारियों को भोपाल लाया जाएगा।
– प्रदेश भर में प्रभावित हुई स्वास्थ्य सेवाएं
हड़ताल के चलते प्रदेश भर में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, एनआरसी, एसएनसीयू जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं ठप पड़ी हैं। वहीं बीपी, शुगर, टीबी और मलेरिया की जांचें भी नहीं हो पा रही हैं। कई जगहों पर स्वास्थ्य शिविरों और राष्ट्रीय कार्यक्रमों पर भी हड़ताल का सीधा असर पड़ा है, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।





