दीक्षारम्भ समारोह में नवप्रवेशित और वरिष्ठ विद्यार्थियों का हुआ सम्मान, वरिष्ठ विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव, नवप्रवेशितों को दी सफलता की सीख
25 वर्ष की गौरवशाली परंपरा, डिजिटल प्रेजेंटेशन और करियर मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को किया प्रेरित


बैतूल। आठनेर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान पंडित द्वारिकादास महाविद्यालय में दीक्षारम्भ एवं विदाई समारोह का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में नवप्रवेशित और वरिष्ठ विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार, करियर मार्गदर्शन और महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम महाविद्यालय के संचालक आनंद राठौर एवं प्राचार्य डॉ. ऋतु चौबे की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। अपने दीक्षारम्भ उद्बोधन में डॉ. चौबे ने कहा कि महाविद्यालय नवप्रवेशित विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का आधार स्तंभ सिद्ध होगा। वहीं वरिष्ठ विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि महाविद्यालय से मिले संस्कार उन्हें समाज में दैदीप्यमान सूर्य की भांति प्रकाशवान बनाए रखेंगे।
समारोह में वरिष्ठ प्राध्यापक एवं जंतुविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सी.एल. निरापुरे ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की 25 वर्षों की गौरवशाली परंपरा से अवगत कराया तथा वरिष्ठ विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. एस.आर. घोरसे ने डिजिटल प्रेजेंटेशन के माध्यम से महाविद्यालय के विभिन्न विभागों की विस्तृत जानकारी दी और वरिष्ठ विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं एवं करियर निर्माण के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. बी.आर. बंजारे ने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्रो. सत्येंद्र बोरबन ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की आदर्श संहिता की जानकारी देते हुए वरिष्ठ विद्यार्थियों से समाज कल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ विद्यार्थियों ने अपने महाविद्यालयीन अनुभव नवप्रवेशित विद्यार्थियों के साथ साझा किए, जिससे नए विद्यार्थियों को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिला।
समारोह में वरिष्ठ प्राध्यापक आई.पी. सोलंकी, शिवदयाल अमरूते, महेंद्र राठौर, सविता अलडक, आयुषी, पूजा अलडक, अंकित बोहरपी, हेमेन्द्र गायकवाड, रितेश तायवाडे एवं शैलेश गायकवाड सहित बड़ी संख्या में नवप्रवेशित एवं वरिष्ठ विद्यार्थी उपस्थित रहे।



