Power Crisis : किसानों पर दोहरी मार, रूठा मानसून अब बिजली भी 7 घंटे मिल रही
बिजली कंपनी ने आपूर्ति का नया प्लान जारी किया, किसानों में पनप रहा भारी आक्रोश

BETUL FORMER NEWS : बैतूल। मानसून के रूठ जाने से पिछले 15 दिन से वर्षा नही हुई है। ऐसे में जमीन से नमी खत्म हो रही है और फसलें मुरझाने की अवस्था में पहुंच गई हैं। मौसम के साथ बिजली कंपनी भी किसानों के खेतों में मुरझा रही फसलों को बचाने के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
शनिवार से बिजली की आपूर्ति का नया प्लान बना दिया गया है जिसमें किसानों को सिंचाई के लिए मात्र सात घंटे ही बिजली मिल पाएगी। सरकार के द्वारा किसानों को 10 घंटे बिजली देने का दावा किया जाता रहा है लेकिन अब जब किसानों को बिजली की सख्त जरूरत है तो उन्हें मात्र सात घंटे वह भी मनमाने समय पर बिजली की आपूर्ति की जा रही है। बिजली कंपनी के नए फरमान से किसानों में बेहद रोष पनपने लगा है।
बिजली आपूर्ति के लिए तीन समूह बनाए:
बिजली कंपनी के द्वारा जिले के कृषि क्षेत्राें में बिजली की आपूर्ति करने के लिए तीन समूह ए, बी और सी बना दिए गए हैं। हर समूह में 24 घंटे में से सात घंटे ही किसानों को विद्युत पंप चलाने के लिए बिजली दी जाएगी। बिजली कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार ए समूह में आने वाले कृषि फीडरों पर शाम आठ बजे से रात तीन बजे तक लगातार सात घंटे बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
बी ग्रुप में आने वाले कृषि फीडरों पर दिन में 11 बजे से शाम छह बजे तक लगातार सात घंटे बिजली की आपूर्ति हाेगी। सी ग्रुप में कृषि के सिंगल फीडरों को शामिल किया गया है। इस ग्रुप में शाम सात बजे से रात दो बजे तक बिजली आपूर्ति की जाएगी। एक सप्ताह में इन ग्रुपों में बिजली की आपूर्ति का समय बदला जाएगा।
सिंचाई तो दूर मवेशियों के लिए पानी का भी संकट:
बिजली कंपनी की मनमानी के कारण किसान रात में फसलों की सिंचाई तो कर ही नहीं पाएंगे। दिन के वक्त बिजली आपूर्ति न होने से मवेशियों को पानी पिलाने के लिए भी किसानों को संघर्ष करने के लिए मजबूर होना पड़ जाएगा।
ग्राम सिंगनवाड़ी के किसान लल्ला पटेल ने बताया कि वर्षा न होने से फसलों की सिंचाई प्रारंभ की है लेकिन शुक्रवार से बिजली कटौती हो रही है। शनिवार को सुबह से बिजली आपूर्ति का इंतजार करते रहे लेकिन दोपहर तक सप्लाई नहीं दी गई। अब पता चला है कि रात में मात्र सात घंटे बिजली दी जाएगी।




