2027 की जनगणना में ओबीसी सहित सभी जातियों की गणना की मांग, सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के तहत सांसद प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन

बैतूल। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा एवं राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा की जिला बैतूल इकाई ने राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के तहत सांसद दुर्गादास उइके के प्रतिनिधि टेकाम को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2027 की राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी सहित सभी जातियों की जाति आधारित गणना शामिल कराने की मांग की। संगठनों ने सांसद से संसद के वर्तमान सत्र में इस मुद्दे को शून्यकाल, प्रश्नकाल या ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से प्रमुखता से उठाने का आग्रह किया।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी विकास पटेल के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि 2027 की जनगणना के दोनों चरणों हाउस लिस्टिंग और जनसंख्या गणना में ओबीसी की गणना अनिवार्य रूप से कराई जाए। साथ ही जनगणना प्रपत्रों में सभी जातियों की प्रविष्टि के लिए पृथक कॉलम जोड़ा जाए तथा जनगणना से जुड़े पोर्टल, मोबाइल ऐप और डिजिटल प्रपत्रों में आवश्यक संशोधन किए जाएं। संगठन ने मांग की कि जनगणना पूर्ण होने के बाद सभी जातियों के आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं, ताकि सामाजिक न्याय के अनुरूप नीतियां बनाई जा सकें।
ज्ञापन में संविधान की प्रस्तावना तथा अनुच्छेद 14, 15(4), 16(4), 38, 46 और 340 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सही आंकड़ों के अभाव में संसाधनों का न्यायसंगत वितरण और कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है। संगठन ने कहा कि यदि वर्ष 2027 की जनगणना में यह व्यवस्था नहीं की गई तो करोड़ों पिछड़े वर्गों और अन्य समुदायों को अगले दस वर्षों तक आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार करना पड़ेगा। अंत में संगठन ने नागरिकों से इस मांग के समर्थन में अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचाने की अपील भी की।




