Kavad Yatra : शिव भक्तों ने शहर में निकाली विशाल कावड़ यात्रा
शिव शंभू भोले सेवा उत्सव समिति ने लगातार तीसरे वर्ष किया आयोजन

Kavad Yatra Betul : बैतूल। सावन का महीना भगवान शिव और उनके उपासकों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से भगवान शिव बहुत प्रसन्न होते हैं। भगवान शिव को खुश करने के लिए श्रद्धालु कांवड़ यात्रा भी निकाल रहे हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव भक्तों की सारी मनोकामना पूरी करते हैं।
शहर में सोमवार को शिव शंभू भोले सेवा उत्सव समिति ने लगातार तीसरे वर्ष कावड़ यात्रा का आयोजन किया। कावड़ यात्रा के लिए समिति के शिव भक्तों ने ताप्ती से जल लाया कावड सजाई। सोमवार को प्रातः थाना महाकाल चौक कोठी बाजार स्थित शिवालय में शिवलिंग का अभिषेक किया गया। कावड़ की पूजा महादेव की पूजा अर्चना आरती के बाद यात्रा निकाली गई। जगह जगह शिव भक्तों का स्वागत भी किया गया। कावड़िया नंगे पांव कांधे मे कांवड़ रखकर जटाशंकर स्थित शिव धाम पहुंचे। ध्वज व गाजे बाजे के साथ बोलबम के जयकारों के साथ कावड़िए एक कतार से चल रहे थे। स्वागत में गांव-गांव में फूलों की वर्षा की गई। जटाशंकर स्थित शिवालय में सभी ने अभिषेक किया।
इन मार्गों से निकली कावड़ यात्रा
कावड़ यात्रा में शामिल होने के लिए सुबह से ही युवा थाना महाकाल चौक स्थित शिवालय में पहुंच गए थे।कावड़ यात्रा को लेकर इनका उत्साह देखते ही बन रहा था। हर-हर बम-बम के जयकारों के साथ थाना महाकाल चौक से कावड़ यात्रा भगत चौक, मेघनाथ चौक, अखाड़ा चौक, लल्ली चौक, गणेश चौक, कालेज चौक, हमलापुर होते हुए जटाशंकर पहुंची। यात्रा में डीजे की धुन के साथ कावड़िया जमकर थिरके, जटाशंकर में महा अभिषेक के बाद कावड़ियों के लिए दाल बाफले भोजन की व्यवस्था की गई।
शिव शंभू भोले सेवा समिति थाना महाकाल चौक कोठी बाजार के संरक्षक अक्षय तातेड ने बताया कि श्रावण मास में हिंदू धर्म की पवित्र परंपरा हर साल श्रावण मास में लाखों की तादाद में कावड़िए शिव मंदिरों में शिव का अभिषेक करते हैं। बैतूल में भी उन्होंने समिति के माध्यम से 3 सालों से कावड़ यात्रा की परंपरा की शुरुआत की है, जिसमें प्रतिवर्ष कावड़ यात्रियों की लगातार संख्या बढ़ती जा रही है।




