Information given to girl students on causes and prevention of anemia: विशेषज्ञों ने एनीमिया के कारण और निवारण पर छात्राओं को दी जानकारी
आयुष्मान भारत-उमंग स्कूल हेल्थ एवं वैलनेस कार्यक्रम के तहत छात्राओं को खिलाई जा रही आयरन की गोलियां

बैतूल। आयुष्मान भारत-उमंग स्कूल हेल्थ एवं वैलनेस कार्यक्रम के अंतर्गत हर मंगलवार को ई.एफ.ए.शा.कन्या उ.मा.वि. बैतूल गंज में छात्राओं को एनीमिया के बारे में जानकारी दी जा रही है और आयरन की गोलियां वितरित की जा रही हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन समग्र शिक्षा अभियान, माध्यमिक शिक्षा एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, भोपाल म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है।
कार्यक्रम प्रभारी शिक्षक महेश गुंजेले ने बताया कि प्रत्येक मंगलवार को छात्राओं को आयरन की गोलियां वितरित की जा रही हैं और विषय विशेषज्ञों द्वारा एनीमिया के कारण और निवारण पर जानकारी दी जा रही है। जिला टिकाकरण अधिकारी स्वास्थ्य विभाग बैतूल, कमलेश मसीह, जिला सामुदायिक अधिकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, योगेन्द्र कुमार, जिला समन्वयक राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम, आशीष डेनियल, सलाहकार न्यूट्रीशियन इंटरनेशनल भोपाल, कृष्णा पाटिल, सुपरवाइजर एन.आर.एच.एम. एवं वार्ड आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ए.एन.एम. के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग बैतूल के प्रकाश माकोड़े ने छात्राओं को एनीमिया के बारे में बताते हुए कहा कि हमारे पोषण में विटामिन बी-12 की कमी होने से या शरीर विटामिन बी-12 को अवशोषित करने में असमर्थ होने पर एनीमिया हो जाता है। फोलिक एसिड की कमी भी इसका एक मुख्य कारण है। प्राचार्य ललीतलाल लिल्होरे ने छात्राओं को एनीमिया के लक्षणों के बारे में बताया और कहा कि एनीमिया के कारण अक्सर थकान, कमजोरी और पीलापन आना जैसे लक्षण होते हैं। अधिक गंभीर मामलों में बेहोशी, चक्कर आना, प्यास बढ़ना, पसीना आना, कमजोर और तेजी से चलती नब्ज और तेजी से सांस लेना जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं। आशीष डेनियल ने बताया कि एनीमिया के उपचार में छह से नौ महीने का समय लगता है। जल्दी ठीक होने के लिए रोगी को दूध, केला, सेब, हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, शकरकंद और अनाज को अपने आहार में शामिल करना चाहिए और जंक फूड से बचना चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय में सभी छात्राओं को आयरन की नीली गोली और कक्षा पहली एवं दूसरी के छात्र-छात्राओं को गुलाबी रंग की गोली शिक्षक माधुरी पानकर एवं ज्योति गीद के मार्गदर्शन में खिलाई गई। प्रभारी शिक्षक महेश गुंजेले ने बताया कि सभी छात्राओं का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और इस अवसर पर विद्यालय के सभी कक्षा शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मुख्य रूप से उपस्थित थे।




