Big Breaking : कबाड़ में पड़ी मोबाइल की बैटरी में विस्फोट, स्कूल में बल्ब जलाने का प्रयास कर रहे पांचवीं कक्षा के छात्र की दो उंगलियां कटीं

Big Breaking : मोबाइल की पुरानी बैटरी कितनी घातक हो सकती हैं, इसका प्रमाण शनिवार को मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में देखने को मिला। जिले के झल्लार थाना क्षेत्र के ग्राम मच्छी में शनिवार को एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहां प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 5वीं के छात्र भावेश पिता सुखनंदन नवड़े के हाथ में मोबाइल की पुरानी बैटरी में जोरदार धमाका हो गया। हादसे में भावेश की दो उंगलियां कट गईं, जबकि हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे झल्लार से रेफर कर जिला अस्पताल बैतूल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
तार जोड़कर जलाना चाह रहा था बल्ब, तभी हुआ विस्फोट:
घटना दोपहर लगभग 12:40 बजे भोजन अवकाश के दौरान की है। इस समय छात्र भावेश अपने साथी अलकेश के साथ कक्षा में बैठा था। दोनों एक पुरानी मोबाइल बैटरी से तार जोड़कर बल्ब जलाने का प्रयोग कर रहे थे। उसी दौरान बैटरी में तेज धमाका हुआ और भावेश का हाथ लहूलुहान हो गया। उसकी एक उंगली कटकर कक्षा की फर्श पर जा गिरी।
विस्फोट की तेज आवाज सुनकर स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षक और अन्य छात्र मौके की ओर दौड़े। प्रधान पाठक संतोष नखाते ने बताया कि कक्षा में होमवर्क कर रही एक छात्रा ने घटना की जानकारी दी तो मैं तुरंत कमरे में पहुंचा, जहां देखा कि भावेश के हाथ से तेज खून बह रहा था और एक उंगली फर्श पर पड़ी थी। हमने तुरंत परिवार के लोगों को सूचना दी और उसे अस्पताल पहुंचाया।
बैटरी कचरे में मिली थी, दोस्त लेकर आया था स्कूल
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अलकेश को मोबाइल की पुरानी बैटरी कचरे में मिली थी, जिसे वह प्रयोग के लिए स्कूल ले आया। दोनों बच्चों ने मिलकर तारों से जोड़कर बल्ब जलाने का प्रयास किया, लेकिन बैटरी की स्थिति अस्थिर होने से धमाका हो गया।घटना की जानकारी मिलते ही झल्लार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बैटरी किस प्रकार स्कूल में पहुंची और बच्चों तक आई।
हर स्कूल में होगी बैग की जांच
जनपद शिक्षा केंद्र भैंसदेही के बीआरसी सुखदेव धोटे ने घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि तत्काल सीएससी को मौके पर भेजा। घायल छात्र को तुरंत उपचार हेतु अस्पताल पहुंचाया गया। भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए सभी स्कूलों के प्राचार्य, प्रधान पाठक और शिक्षकों को निर्देश दिए जाएंगे कि कक्षा शुरू होने से पहले बच्चों के बैगों की जांच अनिवार्य रूप से की जाए।”
हादसा नहीं, चेतावनी है यह
यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, एक चेतावनी है — छात्रों में बढ़ती इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जिज्ञासा और प्रयोग को लेकर। बच्चों को विज्ञान में रुचि रखना अच्छी बात है, लेकिन सुरक्षा से जुड़ी जानकारी और मार्गदर्शन के बिना ऐसे प्रयोग जानलेवा हो सकते हैं।ज़रूरत है जन-जागरूकता और स्कूल सुरक्षा उपायों की।
1. स्कूलों में इलेक्ट्रॉनिक प्रयोग की निगरानी जरूरी।
2. बच्चों को घर और स्कूल में बैटरी जैसे उपकरणों से दूरी रखना सिखाएं।
3. अभिभावकों को बच्चों के बैग और गतिविधियों पर ध्यान देना होगा।




