ज्ञान, वैराग्य और भक्ति मनुष्य जीवन के सबसे बड़े गुण।

देवी भागवत कथा के तीसरे दिन बताया भक्ति का महत्व । नित्या किशोरी शर्मा ने सुनाई सुखदेव जी जन्म की कथा।

आठनेर। विकास नगर स्थित शिव मंदिर परिसर में चल रही देवी भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक सुश्री नित्या किशोरी शर्मा ने श्रद्धालुओं को भगवान के प्रति सच्ची भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन तभी सार्थक होता है जब वह ईश्वर की भक्ति, सेवा और सद्कर्मों से जुड़ा हो। भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा ही जीवन को सही दिशा देती है और व्यक्ति को मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करती है।

कथा के दौरान उन्होंने सुखदेव जी के जन्म का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि ज्ञान, वैराग्य और भक्ति मनुष्य जीवन के सबसे बड़े गुण हैं। सुखदेव जी का जीवन हमें यह संदेश देता है कि सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर भक्ति में लीन होना ही सच्चा जीवन है। कथा वाचन के दौरान श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे।

सुश्री शर्मा ने मां दुर्गा की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार देवी ने अनेक राक्षसों का संहार कर धर्म की रक्षा की। उन्होंने कहा कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब मां शक्ति विभिन्न रूपों में अवतरित होकर दुष्ट शक्तियों का विनाश करती हैं। इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं को धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

कथा आयोजन कान्हा की मुरली ग्रुप द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में दीपा साहू, कविता पांडे, लक्ष्मी पटैया, मनीषा सोनी, कंचन मालवी, गीता कदम, रिंकी पानकर, रिंकी सूर्यवंशी, मोहिनी मालवी, सुशीला गलफट, मंदा खाड़े, सुनीता डोंगरे एवं रीना आजाद सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कथा सुनने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर है।

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