Kishore da’s famous songs remembered: संगीत के सुरों में डूबा वीवीएम महाविद्यालय, याद किए गए किशोर दा के मशहूर गीत

विवेकानंद विज्ञान महाविद्यालय में महान संगीतकार किशोर कुमार का जन्मदिवस मनाया

रिम-झिम गिरे सावन, सुलग सुलग जाए मन…

बैतूल। विवेकानंद विज्ञान महाविद्यालय में संगीत प्रेमियों ने किशोर कुमार का जन्मदिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम का संचालन निर्गुण देशमुख और डेनी सावन कुमार ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्रों और संकाय सदस्यों ने किशोर कुमार के प्रसिद्ध गीतों की यादगार प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉक्टर कृष्ण खासदेव, डॉक्टर प्रमोद मिश्रा, नरेंद्र ठाकुर, प्रदीप चौबे, प्रशांत तिवारी, और कमलेश गडेकर ने किया। उद्घाटन के बाद ‘गीत लहरों की तरह यादें दिल को तड़पाती हैं’ की सुंदर प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए गीतों में ‘रिमझिम गिरे सावन’, ‘एक अजनबी हसीना’, ‘पल पल दिल के पास’, ‘रुक जाना नहीं’, ‘जाने जा ढूंढता फिर रहा है’, ‘वो साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना’, ‘खिलते हैं गुल यहां मिलकर बिछड़ने को’, ‘क्या यही प्यार है’ जैसे सदाबहार गीत शामिल थे। डॉ. विनय चौहान, विवेक बोथरा, विश्वास जी, मास्टर कौस्तुभ, भालचंद्र पांडे, प्रदीप चौबे, रविकांत देशमुख, कृष्णा पुवार, योगी शर्मा, डॉ. दीप साहू, मुकेश झर्रे, बंटी भैया, डॉ. सुरेश जैन, चरडे जी और अन्य गायकों ने भी अपने-अपने अंदाज में गीत प्रस्तुत किए।

— कलाकारों को किया पुरस्कृत–

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण तब रहा जब पहली बार संगतकारों ने भी खूबसूरत प्रस्तुतियां दीं। तबला वादक रितेश जैन, पैड वादक और ढोलक वादक शरद पारदी, और साउंड अरेंजर मनीष राठौर ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। संगीतकार नामदेव अतुलकर ने ‘जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर’ गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी कलाकारों को मनीष खंडेलवाल द्वारा शील्ड देकर पुरस्कृत किया गया। कौस्तुभ देशमुख को डॉ. प्रमोद मिश्रा और मनीष खंडेलवाल ने सुंदर प्रस्तुति के लिए प्रोत्साहन और आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में डॉ. कमल धोटे, संजय नगदे, आशीष पवार, संजय पवार, कृष्णा पवार और अन्य संगीत के रसिक श्रोता भी उपस्थित रहे।

— बैतूल में संगीत का माहौल–

कार्यक्रम के समापन पर नरेंद्र ठाकुर ने इसकी सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से ख्याति नाम गायकों और संगीतकारों की स्मृतियों को जीवंत रखा जाता है, जिससे बैतूल में संगीत का माहौल बना रहता है। आभार प्रदर्शन निर्गुण देशमुख ने किया, जिसमें उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिवार प्रतिवर्ष विभिन्न गायकों और संगीतकारों को याद करता रहा है और भविष्य में भी करता रहेगा। उन्होंने सभी का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय परिवार ने इस आयोजन को एक संकल्प के रूप में लिया है, ताकि संगीत के प्रति प्रेम और आदर का भाव हमेशा बना रहे। सभी ने मिलकर किशोर कुमार की स्मृतियों को संजोने का वादा किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button