मुलताई के पत्रकारो ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन।

बैतूल। जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं के मामले में पत्रकार नितिन अग्रवाल को कथित रूप से मिली धमकियों के विरोध में मुलताई के पत्रकारों में भी आक्रोश देखने को मिला। इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स एवं प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बुधवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुलताई के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि गत सोमवार रात बैतूल जिला अस्पताल की विद्युत व्यवस्था करीब दो घंटे तक ठप रहने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस गंभीर समस्या की जानकारी पत्रकार नितिन अग्रवाल ने जिला प्रशासन और कलेक्टर तक पहुंचाई, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और व्यवस्था बहाल की गई।
पत्रकार संगठनों का आरोप है कि इस मामले को उजागर किए जाने से नाराज अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने नितिन अग्रवाल को देख लेने और जान से मारने जैसी धमकियां दी हैं। घटना को लेकर जिले के पत्रकारों में रोष व्याप्त है। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर एवं एसपी से मुलाकात कर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने तथा निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग भी की है।
ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और शासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। ऐसे में कर्तव्य निर्वहन के कारण किसी पत्रकार को धमकाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात है।
प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के प्रदेश महासचिव मोहम्मद अफसर खान ने राज्यपाल से पत्रकार नितिन अग्रवाल को सुरक्षा उपलब्ध कराने, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश पत्रकार सुरक्षा कानून शीघ्र लागू करने की मांग की है।




