Water crisis: पिछले 6 दिनों से जल संकट से जूझ रहा जामझिरी गांव
भीमसेना ने सचिव के खिलाफ लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, निलंबन की मांग

ग्राम पंचायत द्वारा संचालित गौशाला में पशुओं की सेवा में लापरवाही का खुलासा
मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भैंसदेही को सौंपा ज्ञापन
बैतूल। पानी की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार की ओर से नल से जल योजना शुरू की गई है, लेकिन गर्मी का मौसम शुरू होते ही भैंसदेही विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। आदिवासी बाहुल्य जामझिरी गांव में पिछले 6 दिनों से ग्रामीणों को भीषण पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए भीमसेना संगठन भैंसदेही ने मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भैंसदेही को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीणों को जल संकट से निजात दिलाने की मांग की है।
भीम सैनिकों का कहना है कि सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च कर हर घर नल से जल पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सुस्त रफ्तार से चल रही इस योजना के कार्य के चलते लोगों को गर्मी के मौसम में पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी गांव में लोगों को पीने के लिए पानी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लोग आज भी कई किलोमीटर दूरी तय करके पीने का पानी लाते हैं। पूर्व में जनप्रतिनिधियों से ग्रामीण दर्जनों बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी भी नेता व प्रशासनिक अधिकारी ने ग्रामीणों की इस समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। सरकार की ओर से हर योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इन योजनाओं का ग्रामीण क्षेत्रों में सही लाभ आम लोगों को नहीं मिल पाता।
— ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन की मांग —
इसके साथ ही भीमसेना ने जामझिरी के सचिव फुलचन्द राठौर के खिलाफ भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। भीमसेना संगठन का कहना है कि पिछले कुछ समय से ही ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की शिकायतें उजागर हो रही हैं, और इसके लिए सचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है। ग्राम पंचायत जामझिरी में ग्रामीणों का यह आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा संचालित गौशाला का सचिव द्वारा सही ढंग से संचालन नहीं किया जा रहा है, जहां पशुओं की हालत खराब है सचिव इसके जिम्मेदार है। प्राथमिकता से सचिव को निलंबित किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में बताया कि ग्राम पं.जामझिरी में आर्दश आचार संहिता लगने के कुछ समय पूर्व ग्रामीणों की शिकायत पर गौशाला की जांच की गयी थी जिसमें काफी बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ था। इसकी जाचं स्वयं ग्राम पं. आकर एसडीएम, राजस्व अधिकारी ने की थी। पूर्व में भी ग्रामीणों में शिकायत की नितिन सचिव के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में भीम सैनिक शेख नईम, धर्मेंद्र उजोने, मनोज नागले, पवन मनवर, ललित छत्रपाल, राज बामने, राजू थोटेकर, माखन उजोने आदि शामिल थे।




