जब तक जनप्रतिनिधि स्वयं नगर पालिका के नलों का पानी पीना शुरू नहीं करेंगे, तब तक जल सप्लाई में सुधार संभव नहीं: गोले.
जनप्रतिनिधियों पर दोहरे मापदंड का आरोप ... जनता को ‘जानवर समझकर’ दूषित पानी पिलाने का आरोप ... नगर पालिका की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल..

बैतूल। शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर शिवसेना ने एक बार फिर नगर पालिका पर तीखा हमला बोला है। जिला प्रमुख विजेंद्र कुमार गोले ने कहा है कि जब तक जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्वयं नगर पालिका के नलों का पानी पीना शुरू नहीं करेंगे, तब तक जल सप्लाई में सुधार संभव नहीं है।
गोले ने आरोप लगाया कि जिले के अधिकांश जनप्रतिनिधियों के घरों में निजी ट्यूबवेल लगे हुए हैं, जिससे उन्हें पानी की वास्तविक स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। यही कारण है कि आम जनता को गंदा और बदबूदार पानी पिलाया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार लोग इससे अछूते बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका के अधिकारी और पार्षद यदि अपने घरों में सरकारी नल कनेक्शन लेकर उसी पानी का उपयोग करें, जो आम नागरिकों को मिल रहा है, तभी व्यवस्था में सुधार आएगा। जब तक जिम्मेदार लोग खुद इस पानी को नहीं पिएंगे, तब तक समस्या जस की तस बनी रहेगी।
शिवसेना ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जनता के साथ दोहरा व्यवहार किया जा रहा है। एक ओर शुद्ध पानी बेचने की व्यवस्था है, वहीं दूसरी ओर नलों से दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है।
गोले ने प्रशासन से मांग की है कि पेयजल व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि आम नागरिकों को स्वच्छ पानी मिल सके।




