illegal teak : सब्जी के कैरेट के नीचे छिपाकर ले जा रही थी अवैध सागौन

illegal teak : बैतूल जिले में सागौन की तस्करी करने वाले नए-नए तरीके अपना रहे हैं । वन विभाग भी लगातार सक्रियता से इन पर कार्रवाई कर रहा है। आठनेर क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने सागौन तस्करी करने के ऐसे ही प्रयास को विफल कर दिया।तस्करों के द्वारा सब्जी के कैरेट के नीचे सागौन की चरपट छिपाकर ले जाई जा रहीं थी। वन विभाग की टीम ने उन्हें जब्त कर तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र आठनेर मोर्शी अन्तर्गत दिनांक 17 जनवरी को अवैध सागौन परिवहन की सूचना प्राप्त हुई। इस पर वनमंडलाधिकारी दक्षिण बैतूल विजयानन्थम टी. आर. तथा उपवनमंडलाधिकारी मुलताई संजय साल्वे के निर्देशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी आठनेर सा. अतुल भोयर द्वारा टीम का गठन किया गया ।
गश्ती दल द्वारा कावला से हीरादेही मार्ग पर छिपकर वाहन के आने का इंतजार किया गया। कुछ समय पश्चात मालवाहक वाहन आते दिखा जिसमें ऊपर तक सब्जी के कैरेट रखे हुए थे। तेज गति से आ रहे वाहन का जब स्टाफ द्वारा पीछा शुरू किया तो वह अनियंत्रित होकर एक स्थान पर सड़क से नीचे उतर गई । वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। वाहन के साथ बाइक से रैकी कर रहे व्यक्ति को स्टाफ द्वारा पकड़ा गया। जिसके द्वारा अपना नाम इर्शद खां निवासी ब्राम्हण वाडा बताया। पिकअप वाहन में सब्जी कैरेट के नीचे सागौन चरपट रखी हुई पाई गई। आरोपित द्वारा काष्ट से संबंधित कोई वैध कागजात नहीं दिखाए।
वन विभाग की टीम ने आरोपित को माल वाहक वाहन तथा बाइक के साथ वन चौकी हीरादेही लाया गया। वाहन में सागौन काष्ठ 26 नग, 1.346 घन मीटर पाई गई। वन विभाग के द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26(1) (क), 41,42 52 तथा मध्य प्रदेश वनोपज व्यापार (विनियम) अधिनियम 1969 की धारा 5(1), 15 एवं 16 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया।
इस कार्यवाही में परिक्षेत्र सहायक हीरादेही मंगल सिंह सिकरवार, परिक्षेत्र सहायक बैरमढाणा आनन्दराव कुमरे, वनरक्षक मारोती वर्टी, क्रेश इवने, नरसिंह वाडिवा, रविश कंगाले, खेलेन्द्र राहंगडाले, सुरेन्द्र पवार, सुरक्षा श्रमिक बिसन वाड़िवा तथा वाहन चालक नूर मोहम्मद का विशेष योगदान रहा ।




