आईसीटी कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर्स ने सौंपा ज्ञापन।
लंबित समस्याओं के समाधान की मांग। एजुकेशन पोर्टल 3.0 में एसएसएस-2 आईटी पैनल नहीं दिखने से काम प्रभावित।

बैतूल। जिले के आईसीटी कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर्स ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं के निराकरण और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया कि लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश, भोपाल के 4 मई के आदेश के तहत शासकीय विद्यालयों में आईसीटी स्कूल कम्प्यूटर लैब संचालन के लिए कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर्स की नियुक्ति एवं चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई थी।
इंस्ट्रक्टर्स ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से शासकीय विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा, आईसीटी लैब संचालन, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को तकनीकी प्रशिक्षण, विभिन्न शासकीय पोर्टलों पर डेटा संधारण तथा तकनीकी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद एजुकेशन पोर्टल 3.0 और सेवा संबंधी व्यवस्थाओं में कई समस्याएं सामने आ रही हैं।
ज्ञापन के अनुसार एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर एसएसएस-2 आईटी पैनल प्रदर्शित नहीं हो रहा है, जिससे आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं मार्च और अप्रैल 2026 का मानदेय अब तक प्राप्त नहीं होने से कई इंस्ट्रक्टर्स आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। पूर्व सत्रों के अनुभव प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए भी पोर्टल पर आवश्यक विकल्प उपलब्ध नहीं होने से भविष्य में रोजगार और अनुभव संबंधी प्रक्रियाओं में परेशानी की आशंका जताई गई है।

इंस्ट्रक्टर्स ने बताया कि पूर्व में विमर्श पोर्टल पर प्रत्येक माह एक आकस्मिक अवकाश की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन एजुकेशन पोर्टल 3.0 में यह व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। इसके अलावा सेवा स्थिति, कार्य अवधि, अनुभव, पुनः ज्वाइनिंग प्रक्रिया और अन्य सुविधाओं को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने से प्रदेशभर में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
ज्ञापन में कहा गया कि इन समस्याओं के कारण शासकीय कार्यों के निष्पादन में बाधा आ रही है तथा कम्प्यूटर इंस्ट्रक्टर्स मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि एसएसएस-2 आईटी पैनल को शीघ्र पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए, मार्च-अप्रैल 2026 का लंबित मानदेय जारी किया जाए, अनुभव प्रमाण-पत्र के लिए आवश्यक प्रावधान जोड़े जाएं, आकस्मिक अवकाश की पूर्व व्यवस्था बहाल की जाए तथा सेवा और कार्य भूमिका से संबंधित स्पष्ट एवं एकरूप दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इंस्ट्रक्टर्स ने छात्रहित और शासकीय विद्यालयों में तकनीकी शिक्षा की सुचारु व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।




