Betul News : डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने किया सर्व धर्म शांति सम्मेलन का आयोजन, प्रशासन की अनुमति का नहीं किया इंतजार

Betul News : बैतूल। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने बैतूल जिले के आमला में रविवार को प्रशासन की अनुमति का इंतजार नहीं किया और अपने घर के प्रवेश का कार्यक्रम आयोजित करने के साथ ही अंतर राष्ट्रीय सर्वधर्म शांति सम्मेलन भी धूमधाम से कर डाला। अनुमति न होने के बाद भी निशा बांगरे ने जिस तरह से कार्यक्रम का आयोजन किया है उससे शासन और प्रशासन को एक तरह से बड़ी चुनौती देना ही माना जा रहा है। बिना अनुमति कार्यक्रम के आयोजन पर अब प्रशासन के द्वारा आग लगने पर कुआं खोदने जैसी स्थित में कार्रवाई करने का हवाला दिया जा रहा है।

प्रशासन पर तीखे आरोप लगाए

डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने आमला में सर्व धर्म शांति सम्मेलन के आयोजन को लेकर प्रशासन की ओर से कोई सहयोग न दिए जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि मकान की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई हमें जनरेटर लगाकर आयोजन करना पड़ा। उन्होंने सपष्ट कर दिया कि प्रशासन कितनी भी नकारात्मक शक्ति लगा ले हम सर्व धर्म को मानने वाले लोग हैं। शांति का संदेश देते हैं भाईचारा चाहते हैं। साजिश और षड़यंत्र तो चलेंगे ही पर हम डरने वाले नही हैं।

श्रीलंका के न्याय मंत्री ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे के गृह प्रवेश और सर्वधर्म शांति सम्मेलन में फाउंडेशन के प्रमुख गगन मलिक तथागत भगवान बुद्ध की अस्थियां लेकर पहुंचे। उनके साथ श्रीलंका के न्यायमंत्री विजयदासा राजपक्षे समेत अन्य अतिथि मौजूद थे। बांगरे के निवास पर अस्थि कलश स्थापित करने के बाद सर्वधर्म प्रार्थना कर घर का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान प्रमुख रूप से लाइट एशिया फाउंडेशन श्रीलंका के अध्यक्ष नवीन गुणरत्ने, वर्ल्ड अलाइंस आफ बुद्धिस्ट के अध्यक्ष डा. पोर्नचाई पियापोंग थाईलैंड, सिस्टर मिथिला बांग्लादेश, साबुज बरुवा बांग्लादेश, सिस्टर नीनिये म्यांमार, डा. ली किट यांग दुबई, फाई यान वियतनाम, डा. योंग मून साउथ कोरिया, कैप्टन नटकीट थाईलैंड , डा.पोंगसांग थाइलैंड , कार्यक्रम के संयोजक सुरेश अग्रवाल,मोहन बाकोड़े मौजूद थे।

गृह प्रवेश कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म से प्रार्थना प्रारंभ की गई। इसके पश्चात सिख धर्म के ज्ञानी, जैन धर्म, इसाई धर्म, बोहरा समाज के धर्म गुरुओं ने प्रार्थना की। कार्यक्रम में ब्रम्हकुमारीज की बैतूल प्रमुख मंजू दीदी भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम में भोपाल से पहुंचे महंत अनिलानंद उदासी ने कहा कि वे सर्व धर्म शांति सम्मेलन में आए हैं।प्रशासन के द्वारा अनुमति ना देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब सर्व धर्म का कार्यक्रम है तो अनुमति ना देना प्रशासनिक अधिकारियों की चूक है। हम तो अपेक्षा करेंगे कि भविष्य में ऐसा ना हो।

भोपाल से पहुंचे भंते शाक्य पुत्र सागर थेरो ने कहा कि पहली बार मध्यप्रदेश में सर्व धर्म सद्भाव शांति सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। एक नारी जिम्मेदारी से काम कर रही है तो उसे सहयोग करना चाहिए। अगर उनको राजनीति में जाना है तो जाएं कोई दिक्कत नही है। परंतु शासन उनके इस प्रयास को रोकने का काम कर रहा है तो यह तानाशाही है।

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